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Aaj Ka Ank Jyotish: इनके लिए तनाव से भरा रहेगा मंगलवार

Aaj Ka Ank Jyotish: अंकज्योतिष के अनुसार जानें कैसा रहेगा आपका आज का दिन
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Oct 29, 2019
ank jyotish
अंकज्योतिष 10 जून 2019: आज इन 5 अंक वाले जातकों को कोई बड़ी खुशी मिलेगी

अंक 01: वाणी पर संयम न रख पाने के कारण इज्जत बचाने में भक्ति भाव वाली छवि भी बेअसर रहेगी। विद्यार्थियों में भरपूर आत्मविश्वास भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहद काम आएगा। अनुकूलता के लिए भोलेनाथ को 5 बिल्वपत्र चढ़ाएं।


अंक 02: कुसंगति में रहते हुए भी अपनी व्यवहार कुशलता से दूसरों को बदलने में सफल रहेंगे। जमीनों के कामकाज को अपने हित में लाने के लिए बड़ा पूंजी निवेश करना होगा। अनुकूलता के लिए प्रातःकाल गायत्री मंत्र का जप करें।


अंक 03: युवाओं को भविष्य को और अधिक उज्जवल बनाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। कोर्ट कचहरी के मामलों में गति बनी रहने से फैसले के प्रति आशान्वित रहेंगे। अनुकूलता के लिए किसी भी मंदिर में कुछ देर श्रमदान करें।


अंक 04: बच्चों द्वारा अपनी उपेक्षा पूरे समय परेशानी का कारण बनेगी। पारिवारिक आयोजनों में अनबन की संभावना को देखते हुए विचारों का आदान-प्रदान सोच समझकर करें। अनुकूलता के लिए पूजन कर्म में आधुनिक यंत्र के उपयोग से बचें।


अंक 05: वर्तमान समय में परिस्थितियों को देखते हुए जीवनसाथी को पूर्ण समानता देने का भाव रखना होगा। अपने से वरिष्ठजनों की नसीहत का पालन करना हित में रहेगा। अनुकूलता के लिए गुलाबी रंग की कोई भी एक वस्तु अपने पास में रखें।


अंक 06: तेजी-मंदी के व्यवसाय में समय के साथ न चलने की जरा सी चुक बड़े फायदे से वंचित कर सकती है। सामाजिक दायरा बढ़ने व व्यवहार कुशलता चारो ओर प्रसिद्धी दिलवाएगी। अनुकूलता के लिए किसी भी कार्य में राय देने से बचें।


अंक 07: शेयर बाजार में किये गए निवेश से अचानक हुए धनलाभ से ऋण को चुकाने का प्रयत्न करना बेहतर विकल्प रहेगा। बुजुर्गों के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार होने लगेगा। अनुकूलता के लिए बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर कार्य शुरू करें।


अंक 08: व्यापार में वर्तमान समय की नजाकत को देखते हुए मिलकर काम करने की भावना अपनाना होगी। युवाओं को विवेकहीन होने से बचने के लिए देव भक्ति का सहारा लेना होगा। अनुकूलता के लिए किसी भी भिक्षुक का अपमान करने से बचें।


अंक 09: आखिरी के दिनों में भाग्य की प्रबलता अपने चरम बिंदु पर होगी व उससे लाभ लेना अपने हित में रहेगा। स्वाभिमान को कायम रखते हुए अभिमान की प्रवृत्ति से दूर रहना होगा। अनुकूलता के लिए क्रोध से बचकर रहें।