परिवार की खुशियां भी इंद्रधनुषीय रंगों सी खूबसूरत...
आज के दौर में घरों में टेंशन हर किसी के लिए परेशानी पैदा करता है। तमाम तरह की कोशिशों के बावजूद सुकून, शांति लोगों को कई तरह की बीमारियां भी दे रही है। ऐसे में तमाम कोशिशों के बावजूद यदि इन समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है, तो गौर करें कहीं ये परेशानियों वास्तु दोष के कारण तो नहीं आ रही है।
जानकारों की मानें तो अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर-आंगन में सुकून, शांति, सुख, समृद्धि हमेशा बनी रहे। आपकी जिंदगी के साथ ही आपके परिवार की खुशियां भी इंद्रधनुषीय रंगों सी खूबसूरत बनीं रहें, तो जान लें कि केवल प्यार और आपसी विश्वास के ही नहीं बल्कि घर की दर-ओ-दीवारों के रंग भी आपकी जिंदगी में खुशियों के रंग भरते हैं।
जी हां वास्तु के मुताबिक एक मकान को एक अच्छे घर का रूप उसके रंग भी देते हैं। क्योंकि रंगों का आकर्षण आपके व्यक्तित्व को कई रूप से प्रभावित करते हैं। इसलिए अगर चाहते हैं घर की खुशियां तो इन रंगों से कभी न रंगे घर की दर-ओ-दीवारें...
महत्वपूर्ण हैं रंगों का चयन
आपको बता दें कि रंग आपके व्यक्तित्व को ही नहीं बल्कि, मूड को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए वास्तु के मुताबिक घर के अंदर की दीवारे ही नहीं, बल्कि घर की एंटरेंस वॉल ही नहीं बल्कि एंटरेंस गेट के रंगों का चयन भी सोच-समझ कर करना चाहिए।
हल्के रंग खुशियों में चार चांद
वास्तु के मुताबिक गहरे रंग आपके मूड को उदासी और निराशा देते हैं। जबकि हल्के रंग आपकी खुशियों में चार चांद लगा देंगे। इसलिए रंगों का चयन करते समय रंग के गहरे और हल्के होने पर जरूर ध्यान दें।
इन रंगों से रहे दूर
घर के प्रवेश द्वार यानी एंटरेंस वॉल या दरवाजे पर कभी भी लाल, काले और ग्रे रंग का इस्तेमाल करने से बचें।
ये रंग लाएंगे समृद्धि
घर से बाहर जाते समय सामने आने वाली दीवारों पर नीला, पीला, सफेद और गहरे हरे रंग का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
ये रंग आपके घर में खुशियों को न केवल लाएंगे, बल्कि उन्हें घर में ही ऑब्जर्व कर देंगे बाहर जाने ही नहीं देंगे।
अगर चाहते हैं कलर-ब्रेक कान्सेप्ट
अगर आप घर की दीवारों पर कलर-ब्रेक कॉन्सेप्ट चाहते हैं। तो वास्तु के मुताबिक आप पश्चिम या फिर दक्षिण की दीवार पर गहरे रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।