आर्यवीरों ने व्यायाम के साथ ही शक्ति प्रदर्शन भी किया। आचार्य योगेन्द्र याज्ञिक ने बताया कि इस बार भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके पहले तीनों दिन आर्यजनों के संबोधन, सामवेद परायण महायज्ञ, योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
होशंगाबाद. आर्ष गुरुकुल में हर्षोल्लास के साथ 110 वां वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया, इस अवसर पर वेद पुराणों की शिक्षा गृहण करने वाले आर्यवीरों ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया तो देखने वाले भी हैरान रह गए, आर्यवीरों के करतब देखकर साफ नजर आ रहा था कि गुरुकुल में शिक्षा के साथ संस्कार और विभिन्न गतिविधियों को सीखकर निश्चित ही ये सर्वगुण सम्पन्न बन रहे हैं। इस दौरान उनके सामने आग का गोला भी फीका नजर आ रहा था, क्योंकि एक एक कर कई आर्यवीरों ने उसमें से निकलकर लोगों को हैरान कर दिया।
बीटीआइ स्थित आर्ष गुरुकुल का 110 वां वार्षिकोत्सव का समापन रविवार को हुआ। इसमें देश के ख्याति प्राप्त आर्यजन शामिल हुए। रविवार को सर्वदु खहर्ता वेद का संदेश दिया गया। आर्य समाज के विशिष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। इस दौरान आर्यवीरों ने व्यायाम के साथ ही शक्ति प्रदर्शन भी किया। आचार्य योगेन्द्र याज्ञिक ने बताया कि इस बार भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके पहले तीनों दिन आर्यजनों के संबोधन, सामवेद परायण महायज्ञ, योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामवेद पारायण महायज्ञ सुबह 6.30 बजे से शुरू हुआ। इसमें पूर्णाहुति रविवार को दी गई। सुबह 5.30 बजे से 6.30 बजे तक तीनों दिन योगासन, प्रणायाम, ध्यान का प्रशिक्षण दिया गया।
यह हुए आयोजन
गुरुकुल के वार्षिकोत्सव में पहले दिन मानव जीवन का लक्ष्य, गुरुकुल शिक्षा महत्व बताया गया। पहले दिन शोभायात्रा निकाली गई थी। दूसरे दिन स्र्वगदायक देवयज्ञ, आर्य समाज द्वारा समाजिक उन्नति आर्य वीर शक्ति सम्मेलन हुआ। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का आदर्श पर प्रवचन हुए थे।