
नई दिल्ली।निपाह वायरस के प्रकोप में अब सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि पूरा भारत आता जा रहा है। 14 लोगों की जान लेने के बाद भी निपाह भारत के लोगों को किसी भी तरह की कोई राहत नहीं देना चाह रहा है। निपाह का खतरा कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि निपाह वायरस मुख्यतः चमगादड़ों की वजह से पनपता है। निपाह वायरस को लेकर WHO ने कहा था कि यह चमगादड़ के मलमूत्र और लार से फैलता है। WHO ने निपाह के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बताया कि जिन फलों के पेड़ों पर चमगादड़ अकसर भोजन की तलाश में जाते हैं, उन फलों से निपाह का खतरा सबसे ज्यादा है।
बता दें कि निपाह के बढ़ते प्रकोप की वजह से केरल से एक्सपोर्ट होने वाले फलों और सब्जियों पर रोक लगा दी गई है। निश्चित तौर से केरल का एक्सपोर्ट रुकने की वजह से भारत के व्यापार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। निपाह के लिए ज़िम्मेदार चमगादड़ ग्रेटर इंडियन फ्रूट बैट हैं। बता दें कि ये चमगादड़ पूरे दक्षिण एशिया में काफी संख्या में पाए जाते हैं। भारत में बढ़ रहे निपाह के खतरे के बाद कई देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। केरल की लोकल मीडिया की मानें तो संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने केरल से आयात होने वाले फलों और सब्जियों पर बैन लगा दिया है।
खबरों के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने फलों और सब्जियों पर बैन लगाने की जानकारी भारत सरकार को भी दे दी है। बताया जा रहा है कि मुख्य रूप से आम, केला और अंगूर पर पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा खजूर के आयात पर भी बैन लगाया गया है। क्योंकि इन फलों से निपाह वायरस के फैलने का खतरा सबसे ज़्यादा है। इसके साथ ही कई तरह की सब्जियों पर भी बैन लगाया गया है, हालांकि बैन की गई सब्जियों में क्या-क्या शामिल है इसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।