Old Lady Lives in Toilet : सरकारी आवास न मिलने से खुले में रहने को मजबूर है महिला ओडिशा के मयूरभंज जिले का है मामला, सरकारी टॉयलेट को बनाया घर
नई दिल्ली। 72 साल की एक बुजुर्ग महिला उम्र के आखिरी पड़ाव में पिछले 3 साल से टॉयलेट में रह रही हैं। ऐसा वो मजबूरी के चलते कर रही हैं। वो प्रशासन के लचर रवैये से परेशान हैं। आर्थिक स्थिति सही न होने के चलते उनके सिर पर छत नहीं है। ऐसे में उन्होंने सरकारी शौचालय (Public Toilet) को ही अपना घर बना लिया है। वो इसी जगह खाना बनाती हैं और बाकी काम करती हैं।
बुजुर्ग महिला का नाम द्रौपदी बहेरा है। वह ओडिशा (Odisha news) के मयूरभंज जिले में रहती हैं। वह राज्य सरकार की ओर से आवास न प्राप्त होने की वजह से ऐसे रह रही हैं। महिला का कहना है कि उनका पूरा परिवार, जिनमें उनका पोता और बेटी भी है, उन सभी को बाहर खुले में सोना पड़ता है। द्रौपदी कनिका गांव के प्रशासन की ओर से बनवाए गए टॉयलेट में रहती हैं। यहां बने सीट पर वो चूल्हा रखकर खाना पकाती हैं।
द्रौपदी का कहना है कि उन्होंने अपनी दिक्कतों को कई बार संबंधित विभागों के सामने उठाया इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। वो अब तक आवास मिलने के इंतजार में हैं। इस सिलसिले में गांव के सरपंच बुधूराम पुती का कहना है उनकी इतनी हैसियत नहीं है कि वह महिला के लिए आवास बनवा दें। मगर जब भी योजना अमल में आएगी तो वे जरूर द्रौपदी की मदद करेंगे।