
नई दिल्ली। गरीबी और आर्थिक तंगी से परेशान एक शख्स ने अपने साथ अपनी तीनों बच्चियों को मौंत की नींद सुला दिया। पिता ने बच्चियों को कुएं में फेंका। इसके बाद खुद आत्महत्या (suicide) कर ली। उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने के लिए पहले जहर पिया। मगर इसका ज्यादा असर न होने पर उसने फांसी (hanged) के फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी।
मामला गुजरात के जूनागढ़ की है। बताया जाता है कि शख्स गरीबी (poverty) से पहले ही परेशान था। ऐसे में चौथी बेटी के जन्म लेने के कारण वह और ज्यादा परेशान हो गया। ऐसे में उसने अपनी तीन बच्चियों को कुएं में फेंक कर मार डाला और खुद भी आत्महत्या कर ली।
मृतक का नाम रसिक देवाभाई सोलंकी है। वह भेसाण तालुका के खंभालिया गांव का रहने वाला है। वह ग्राम रक्षा दल का जवान था। घर की आर्थिक स्थिति सही न होने की वजह से उसने अपनी तीन बेटियों रिया (9), अंजलि (7) और जल्पा (2) को गांव के ही एक कुएं में फेंक दिया था। वह तीनों को घुमाने के बहाने वहां ले गया था। जांच के मुताबिक पिता ने तीनों बच्चियों को मौत की नींद सुलाने से पहले उन्हें मिठाई और फल खिलाए थे।