चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रीसर्च के वैज्ञानिक दो ऐसे युवकों पर रिसर्च कर रहे हैं, जो कोबरा के जहर का नशा करते हैं।
नई दिल्ली: नशे की लत एक बार लग जाए तो इससे पीछा छुड़ाना बेहद मुश्किल हो जाता है। नशा करने के लिए लोग अजीबोगरीब चीजों का इस्तेमाल करत हैं। कुछ एेसा ही एक मामला चंडीगढ़ का है। चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रीसर्च के वैज्ञानिक दो ऐसे युवकों पर रिसर्च कर रहे हैं, जो कोबरा के जहर का नशा करते हैं। जी हां, ये दोनों युवक खुद को जीभ पर कोबरा से डसवाते हैं। दोनों युवकों की इस हरकत से वैज्ञानिक भी हैरान हैं।
पहले लगता है झटका, फिर सब धुंधला आैर...
जानकारी के मुताबिक, कोबरा के जहर का नशा करने वाले यह दोनों युवक राजस्थान से हैं। ये 15 साल से इस नशीले पदार्थ पर निर्भर हैं। बताया गया है कि दोनों सपेरों के पास जाकर जीभ पर खुद को कटवाते थे। काटे जाने के बाद पहले उन्हें झटके लगते थे, सब धुंधला होता था और करीब 1 घंटे के लिए वे सुन्न हो जाते थे, लेकिन जागने के बाद उन्हें अच्छा लगता था।
युवा हो रहे एेसे नशे के शिकार
बता दें, पिछले साल मध्य प्रदेश के इंदौर में भी लड़कियों में इस तरह के ड्रग एडिक्शन के कई मामले सामने आए थे। नशे के लिए कुछ युवा कोबरा सांप के जहर का भी नशा कर रहे थे। ड्रग एडिक्ट ये युवा हाई क्लास सोसायटी से ताल्लुक रखने वाले 20 से 25 साल के थे।
कोबरा के ज़हर की लत का भी मामला
नशे के असर को बढ़ाने के लिए लोग जहरीले पदार्थों का भी सेवन किया जाता है। कोबरा के जहर को प्रोसेस कर उसे इतना हल्का कर दिया जाता है कि सेवन करने पर उसकी मौत ना हो। बताया जाता है कि यह शराब या दूसरे नशों से भी ज्यादा असरदार था। एक रिसर्च के मुताबिक, जहर का इस्तेमाल करने वाले लोगों को 'तीन से चार हफ्तों तक खुशी, महानता और काफी ज्यादा नींद महसूस होती है।