
नई दिल्ली। देवी मां के देश में कई चमत्कारिक धाम हैं, इन्हीं में से एक है बिहार के मधेपुरा ज़िले में स्थित मां चंडीस्थान मंदिर(chandi devi temple)। मान्यता है कि जो भक्त औलाद के सुख से वंचित हैं, यहां दर्शन करते ही उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है। इस मंदिर से जुड़ी कई अन्य मान्यताएं भी हैं। कहा जाता है कि 70 साल पहले दो चोर मंदिर से देवी के गहने चुराकर भाग रहे थे, वे पत्थर के बन गए थे।
यह मंदिर मां दुर्गा की चमत्कारी शक्तियों से भरा हुआ है। यहां हमेशा भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है। मंदिर में मां दुर्गा के अलावा उनके सेवक बुधाय और सुधाय के साथ ही आशाराम महाराज की मूर्तियां भी विराजमान हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार करीब 70 साल पहले इस मंदिर में दो चोर घुस आए थे, जो माता के गहने चुराकर भाग रहे थे। मगर जैसे ही वे दोनों मंदिर से बाहर की ओर भागे उनकी आंखों की रौशनी चली गई। इस घटना से वे चौंक गए और गहने छोड़कर मंदिर के बाहर भाग आए।
माना जाता है कि मंदिर(temple) परिसर से निकलते ही दोनों चोर पत्थर में बदल गए। वे दोनों (thief) चोर आज भी मंदिर के बाहर पत्थर के रूप में टिके हुए हैं। एक अन्य मान्यता है कि इस मंदिर में माता सती के विभाजित शरीर का एक अंग गिरा था। इसी वजह से इसे देवी चंडी का स्थान कहा जाता है। यहां मत्था टेकने वालों की झोली कभी खाली नहीं रहती है।