
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के आतंक से परेशान ज्यादातर देश इसका इलाज खोजने में लगे हुए हैं। ऐसे में चीन ने एक दावा किया है कि उसने एक ऐसी तकनीक की खोज की है जिसे नैनोमटीरियल नाम दिया गया है। चीन का दावा है कि इससे संक्रमण पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। क्योंकि ये शरीर में प्रवेश कर वायरस को सोख लेगा।
चीनी सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट के जरिए बताया कि चीनी वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए नया हथियार बना लिया है। इसके तहत एक नैनोमटीरियल शरीर में प्रवेश करके कोरोना वायरस को ज्यादा मात्रा में सोखने में मदद करेगा। जिसके बाद उसे 96.5 से 99.9% सफलता के साथ निष्क्रिय करने में मदद मिलेगी। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये न तो कोई वैक्सीन है और न ही दवा। ये एक तरह का बायोवेपन है जिसे कोरोना वायरस से लड़ने के लिए विकसित किया गया है।
क्या है नैनोमैटेरियल
नैनोमटीरियल का इस्तेमाल मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेस जैसे— पेंट्स, फिल्टर्स, इन्सुलेशन और लुब्रिकेंट पैदा करने आदि मे किया जाता है। हेल्थकेयर में भी इसका इस्तेमाल होता है। जिसे नैनोजाइम्स कहते हैं। ये शरीर में पाए जाने वाले एन्जाइम्स की तरह ही काम करते हैं। अमेरिकी वैज्ञानिकों के मुताबिक नैनोमटीरियल का इस्तेमाल कुछ विशेष कामों मेंं होता है, ये शरीर में आसानी से प्रवेश करते हैं क्योंकि ये बेहद ही छोटे होते हैं।