Highlights-Coronavirus का सामना कर रहे लोगों को राहत की सांस देने वाली खबर- कोरोना वायरस से लड़ रहे मानव के रक्त में मौजूद प्लाज्मा में ऐसी एंटीबॉडी विकसित हो सकती हैं -प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) परीक्षण शुरू किए
नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के अब तक करीब हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इस खतरनाक वायरस से 38 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी का इलाज पूरी दुनियाभर में खोजा जा रहा है। इस महामारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण यह है कि अब तक इसकी दवा इजाद नहीं हो सकी है। दुनिया भर में मेडिसिन क्षेत्र के वैज्ञानिक इसकी कारगर दवाई बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं, दुनिया भर में कोरोना वायरस का सामना कर रहे लोगों को राहत की सांस देने वाली खबर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से लड़ रहे मानव के रक्त में मौजूद प्लाज्मा में ऐसी एंटीबॉडी विकसित हो सकती हैं जो इस वायरस के खिलाफ जंग में सभी के लिए नया हथियार बन सकती हैं। वैज्ञानिकों इस अनुमान के आधार पर प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) परीक्षण शुरू किए हैं।
चीन कर चुका है इसपर काम
इन परीक्षण में कोविड-19 की चपेट से बाहर आए मरीजों के रक्त से प्लाज्मा निकालकर बीमार रोगियों को ठीक करने के लिए दिया जा रहा है। अमेरिका और इंग्लैंड में इसे लेकर इसका परीक्षण शुरू हो चुका है, वहीं चीन दावा कर रहा है कि उसने इस प्लाज्मा थैरेपी (Plasma Therapy) से मरीजों को ठीक किया है। भारत में इसे लेकर अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।
वुहान में कई मरीजों का हुआ उपचार
फरवरी के मध्य में चीन के 20 ऐसे नागरिकों ने अपने प्लाज्मा दान किए जो कोविड-19 से ठीक हो चुके थे। वुहान में उनके इन प्लाज्मा का उपयोग कई मरीजों पर किया गया, जिन्हें उपचार में मदद भी मिली। ये 20 लोग ऐसे डॉक्टर व नर्से थीं जो वायरस की चपेट में आई थीं। उन्हें ठीक हुए 10 दिन से अधिक हो चुके थे। चीन के अध्ययनकर्ताओं का दावा है कि कई गंभीर मरीजों में उस प्लाजामा थैरेपी के 10 से 24 घंटे में सुधान आने लगा। इससे ठीक हुए कई ळोगों ने प्लाजा दान किए।