बोन ओसिफिकेशन टेस्ट की ये रिपोर्ट अब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस पर गाज करनी तय लग रही है।
नई दिल्ली। यूपी के गाज़ियाबाद मदरसा रेप मामले में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा खुलासा किया है। 10 साल की बच्ची के साथ रेप के आरोपी लड़के को नाबालिग बताया जा रहा था। लेकिन क्राइम ब्रांच ने बताया कि वह नाबालिग नहीं बल्कि एक बालिग है। क्राइम ब्रांच ने आरोपी आरोपी की असली उम्र का पता लगाने के लिए उसका बोन ओसिफिकेशन टेस्ट कराया था। जिसकी रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में हैरान कर देने वाला सच सामने आया है। रिपोर्ट की मानें तो आरोपी नाबालिग नहीं बल्कि बालिग है।
बोन ओसिफिकेशन टेस्ट की ये रिपोर्ट अब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस पर गाज करनी तय लग रही है। इससे पहले आरोपी को पुलिस नाबालिग मानकर ही मामले की जांच कर रही थी। जिसके बाद उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया था। एक समाचार चैनल से बात करते हुए पीड़िता ने बताया कि आरोपी के साथ उसकी कोई दोस्ती नहीं थी। पीड़िता आरोपियों के लिए फांसी की मांग कर रही है। पीड़िता ने कहा कि उसके साथ बहुत ज़ुल्म किए गए हैं।