कोरोना ( Corona ) महामारी के फैलने के साथ चेक सरकार ( Czech Government ) ने मास्क ( Mask ) लगाना अनिवार्य कर दिया था, ताकि इस वायरस की चपेट में आने से लोगों को बचाया जा सके।
नई दिल्ली। चेक नेशनल म्यूजियम ( Czech National Museum ) कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए फेस मास्क ( Face Mask ) की एक प्रदर्शनी ( Exhibition ) आयोजित कर रहा है।
इस प्रदर्शनी ( Exhibition ) को आयोजित करने का मकसद ये है कि राष्ट्रीय म्यूजियम ( National Museum ) भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए इन मास्क और महामारी से जुड़ी अन्य वस्तुओं को संरक्षित कर सके, ताकि वो ये दिखा सके कि कैसे संकट के समय में चेक के लोग एक साथ आए।
चेक ( Czech ) बाकी यूरोपियन देशों के मुकाबले कोरोना से कम प्रभावित हुआ है। यहां कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 8,725 थी जिनमें अभी तक 304 लोगों की जान जा चुकी हैं। कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर में मास्क की भारी कमी थी। ऐसे में मास्क को बनाने के लिए यहां राष्ट्रव्यापी प्रयास किए गए।
इसी का नतीजा है कि आज यहां भारी तादाद में मास्क का उत्पादन हो रहा है। क्यूरेटर मीरा बुरियनोवा ने कहा कि प्राग ( Prague ) के विंडसलास स्क्वायर में राष्ट्रीय म्यूजियम में जनता द्वारा भेजे गए सैकड़ों मास्क को चुना गया। इन सभी मास्क पर अलग डिजाइन और राष्ट्रीय ध्वज जैसे प्रिंट छपे हैं।
इन मास्क को आटिज्म ( Autism ) से जूझे रहे बच्चों ने बनाया है। लुडमिला ब्रेज़्डोवा ने कहा, "मैं स्वास्थ्य सेवा में काम करता हूं और मेरी दिलचस्पी सबसे ज्यादा इस बात से है कि जब हमारे पास अस्पताल में कुछ भी नहीं था, तो पूरे देश में कुछ ही दिनों में मास्क बनाए गए।
इस अनोखी किस्म की प्रदर्शनी ( Exhibition ) का आयोजन सोमवार को किया जाएगा। सरकार अपनी नीति में ढील देती है, तो लोगों को अब मास्क लगाना जरूरी नहीं होगा। लेकिन अभी भी सार्वजनिक परिवहन और सार्वजनिक भवनों में जाते वक़्त सावधानी बरतनी चाहिए।