मुंबई के एक स्टूडियो में मुगल-ए-आजम के निर्देशक के.आसिफ ने लाहौर किले में शीश महल को बनाने की अद्भुत कोशिश की थी. यही नहीं, मुगल-ए-आजम में मौजूद पैलेस को बनवाने में दो साल का समय लग गया था। बेल्जियम से मंगाए गए इस ग्लास का बजट उस समय की फिल्मों से भी ज्यादा था।