ऐसे में वहां इतनी बड़ी त्रासदी के बीच वॉट्सऐप पर एक मैसेज वायरल हो रहा है।
नई दिल्ली। जब कोई व्यक्ति पानी में डूब जाता है और उसे तुरंत निकालने वाला कोई नहीं होता तो वह छटपटा कर अंत में शांत हो जाता है। वह कोई हलचल नहीं करता, धीरे-धीरे वह पानी के तल में डूबता चला जाता है। फिर उस डूबे हुए शख्स का शरीर पानी सोखने के बाद पानी की सतह पर आ जाता है। बस यही होता है पानी में डूबने वाले का अंत। जैसा की आप जानते हैं, बीते कुछ सप्ताह से केरल भारी बारिश और भूस्खलन से जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि केरल में आई बाढ़ इस सदी के सबसे बड़ी त्रासदी है।
ऐसे में वहां इतनी बड़ी त्रासदी के बीच वॉट्सऐप पर एक मैसेज वायरल हो रहा है। जिसमें एक शख्स पानी में डूबकर मरे व्यक्ति को जिन्दा करने का दावा कर रहा है। यह शख्स इस मैसेज में बता रहा है कि गंभीर हालत में मिले पानी में डूबे व्यक्ति को नमक पर लिटाया जाए तो उसकी जान बच सकती है। इस मैसेज में यह शख्स कह रहा है डॉक्टर के मृत घोषित करने के बाद भी उस व्यक्ति को मरा हुआ ना मानें और उसका दाह संस्कार जल्दी करने के बजाए उसके पास ले जाएं। यह शख्स मुर्दे को ज़िंदा कर देने का दावा कर रहा है।
क्या है इस मैसेज की सच्चाई?
डॉक्टरों की मानें तो, नमक में नमी सोखने की प्रवित्ति ज़रूर होती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं इससे किसी डूबे हुए व्यक्ति को दोबारा ज़िंदा किया जा सकता है। बता दें कि यह बात कि, डूबने के बाद व्यक्ति के पेट में भरे पानी को नमक पूरा सोख लेगा यह पूरी तरह से गलत है। बता दें कि डॉक्टर जब कभी किसी व्यक्ति को मृत घोषित करते हैं तो वह पूरी जांच करने के बाद ही ऐसी सूचना परिजनों को देते हैं।
ऐसे डूबने के बाद अगर डॉक्टर उसकी मौत की पुष्टि करता है तो वापस जिंदा नहीं किया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह का मैसेज लोगों में केवल झूठ को फैला रहा है। अगर ऐसा मैसेज आपके पास भी आता है तो उसे फॉरवर्ड करने से बचें और लोगों को इसके गलत होने की जानकारी भी दें।