महाराष्ट्र ( Maharashtra ) के बीड जिले के एक गांव में नब्बे साल पुरानी होली की अनोखी परंपरा को यहां के लोग आज भी जीवित रखे हुए है।
नई दिल्ली। भारत दुनिया का इकलौता देश है जहां की विविधताएं उसे बाकी देशों से एकदम अलग बनाती है। महाराष्ट्र ( Maharashtra ) के बीड जिले के एक गांव में की अनोखी परंपरा इस बात को और पुख्ता करती है यहां कुछ तो अलग है। जी हां बीड जिले के एक गांव में आज भी लोग नब्बे साल पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए है।
होली के दिन लोगों ने गांव के सबसे नए नवेले दामाद को गधे पर बिठाकर घुमाया और उसके बाद उसे उसकी पसंद के कपड़े पहनाए। यह अनूठी परंपरा है बीड जिले की केज तहसील के विडा गांव की। यहां होली ( Holi ) के दिन गधे की सवारी देखने का इंतजार लोग बड़ी बेसब्री से करते है।
होली के मौके पर गांव के सबसे नए दामाद को चुना जाता है जिसमें तीन से चार दिन लग जाते हैं। इसके बाद गांव वाले उस पर अपनी पैनी नजर रखते हैं ताकि होली के दिन किसी तरह भाग न सकें। ग्रामीणवासियों के मुताबिक यह परंपरा गांव के एक प्रतिष्ठित निवासी आनंदराव देशमुख द्वारा नब्बे साल पहले शुरू की गई थी।
उन्होंने बताया कि बस तभी से यह परंपरा चली आ रही है। एक शख्स ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब मैं यहां शादी कर के आया था तब मुझे भी गधे पर घुमाया गया था। गधे की सवारी ( Donkey Ride ) गांव के मध्य क्षेत्र से शुरू होती है और हनुमान मंदिर पर सुबह 11 बजे खत्म हो जाती है।