झारखंड के एक गांव में गरीबी की वजह से लोग लिव इन में रहने के लिए मजबूर हैं।
नई दिल्ली: झारखंड के गुमला जिले में सोमवार को सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इस दौरान उन जोड़ों की भी शादी करवाई गई जो मजबूरी में लिव-इन में रह रहे थे। कुल 132 जोड़े शादी के बंधन में बंधे। इसके बाद दावत दी गई। बता दें, ये आयोजन एक एनजीओ की ओर से करवाया गया था।
क्यों लिव-इन में रहते हैं यहां के लोग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झारखंड के ओरांव, मुंडा और हो आदिवासियों के बीच शादी के बिना लिव-इन में रहने की परंपरा सामान्य है, क्योंकि इन समुदायों के लोग आर्थिक रूप से काफी कमजोर होते हैं और शादी दावत के लिए होने वाले खर्च को उठा पाने में सक्षम नहीं होते हैं।
20 साल से लिव-इन में रह रहे राजू-मनकी की हुई शादी
गुमला के चरकटनगर गांव में राजू महली और मनकी देवी पिछले 20 साल से साथ रह रहे थे, लेकिन अपनी मर्जी से नहीं। गरीबी की वजह से वह शादी की दावत नहीं दे पाए। इन दोनों की शादी करवाई गई और रिश्तेदारों को दावत भी दी गई। राजू ने बताया कि उनका एक बेटा और बेटी है। वह जमीन पर जुताई करके पेट पालते हैं। जब उन्हें शादी के बारे में बताया गया तो वह तुरंत तैयार हो गए।