हॉट ऑन वेब

जॉब करने वाले लोगों को मिलते हैं इतने सारे अधिकार, कंपनी की मनमानी पर उठा सकते हैं आवाज़

कर्मचारी को नौकरी के प्रॉबिशन पीरियड के दौरान भी अधिकार मिले हुए हैं।

2 min read
May 01, 2018

नई दिल्ली। आज 1 मई है, मतलब लेबर डे है आज। इसके साथ ही आज के दिन को इंटरनेशनल वर्कर्स डे के नाम से भी सेलिब्रेट किया जाता है। इसी मौके पर हम आपके लिए एक ऐसी खबर लेकर आए हैं, जिसमें नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए बेहद ही खास जानकारी है। इस खबर में आपको कर्मचारियों के अधिकारों के बारे में मालूम चलेगा, जिसे जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है। हमारे देश में नौकरी करने वाले प्रत्येक शख्स के लिए कुछ अधिकार बनाए गए हैं, जो उन्हें नौकरी ज्वाइन करने के साथ ही मिल जाते हैं। इतना ही नहीं कर्मचारी को नौकरी के प्रॉबिशन पीरियड के दौरान भी अधिकार मिले हुए हैं।

किसी भी जॉब में प्रॉबिशन पीरियड 6 महीने के लिए होता है। हालांकि इस पीरियड को कंपनी अधिकतम 2 साल तक के लिए बढ़ा भी सकता है। कंपनी सिर्फ दो हालातों में ही किसी कर्मचारी को जॉब से निकाल सकता है। कंपनी तभी कर्मचारी को जॉब से निकाल सकता है जब कर्मचारी उस काम के लिए उपयुक्त नहीं है, दूसरी स्थिती में जब कर्मचारी का काम कंपनी को पसंद नहीं आ रहा है। लेकिन ऐसा करने से भी पहले कंपनी को उस कर्मचारी को पहले नोटिस देना ज़रूरी है।

जॉब करने वाले सभी लोगों के लिए पेड लीव का अधिकार है। जिसमें उसके द्वारा ली जाने वाली छुट्टी के लिए कंपनी पैसे नहीं काट सकती है। एक ही कंपनी के लिए 5 साल से काम कर रहे कर्मचारी को ग्रेजुएटी बेनिफिट का अधिकार है। कंपनी इसके लिए मना नहीं कर सकती है। कर्मचारी को पीएफ का अधिकार भी दिया गया है। जिसके अंतर्गत कर्मचारी के साथ-साथ कंपनी को भी सैलरी का 12 फीसदी जमा कराना होता है। देश में महिला कर्मचारी के लिए 26 हफ्तों का पेड मैटरनिटी भी निर्धारित किया गया है। स्थिती के अनुसार इसे बढ़ाया भी जा सकता है। फैक्ट्रीज़ एक्त (1948) के तहत कोई भी कंपनी अपने कर्मचारी से एक हफ्ते में 48 घंटों से ज़्यादा काम नहीं करा सकती है। इसके अलावा भी कर्मचारियों को कई सारे अधिकार मिले हुए हैं।

Published on:
01 May 2018 04:31 pm
Also Read
View All