राब की लत को छुड़वाना फिर भी आसान है, लेकिन इंटरनेट के अडिक्शन को छुड़वाना बेहद मुश्किल है। इस अडिक्शन के शिकार लोग फैंटसी करने लगते हैं और नेट पर मौजूद कॉन्टेंट को सच भी मानने लगते हैं। सोशल मीडिया पर जो कुछ आता है उसे भी ऐसे लोग पूरी तरह से सही मानते हैं और उसी के अनुसार व्यवहार भी करने लगते हैं।