सोशल मीडिया(social media) पर कुछ लोग एक एक मेसेज शेयर कर रहे हैं। जिसके मुताबिक, सामान पर मौजूद बारकोड (Barcode) के शुरुआती तीन अंको से हम यह पता कर सकते हैं कि सामान कहां बना है। जानें क्या है इस दावे का सच ?
नई दिल्ली। लदाख की गलवान घाटी (galwan valley) में भारत के 20 जवानों के शहीद होने के बाद पूरे देश में चीन (China) के प्रति नफरत का माहौल बना है। सोशल मीडिया (social media) पर लोग चीन के सामान का बहिष्कार करने की मुहिम चला रहे हैं। जानकारी के लिए बता दें कि भारत अपने रोजाना की जरूरत का 80 फीसदी सामान चीन से मंगाता है लेकिन इस विरोध के बाद इसमें कमी जरूर आई है।
इनसब के बीच सोशल मीडिया(social media) पर कुछ लोग एक एक मेसेज शेयर कर रहे हैं। जिसके मुताबिक, सामान पर मौजूद बारकोड (Barcode) के शुरुआती तीन अंको से हम यह पता कर सकते हैं कि सामान कहां बना है। मैसेज करने वाले लोगों का दावा है कि अगर किसी सामान का बारकोड अगर 690 से 699 तक से शुरू हो वे उत्पाद उत्पाद चीन में बना है उसका उपयोग ना करें।
क्या है सच?
लेकिन अब सवाल उठता है कि क्या बारकोड के तीन अंको से ये पता लगाया जा सकता है कि सामान किस देश में बना है? इस सवाल की जवाब है हां। लेकिन ये भी सच है कि किसी सामान के बारकोड के शुरुआती तीन अंक यह नहीं बताते की उत्पाद कहां बना है। हाालंकि ये नंबर ये बता सकते हैं कि सामान से जुड़ी कंपनी किस देश की है और इसकी मदद से ये पता लागाया जा सकता है कि ये सामान Made in China है या नहीं।
क्या होता है बारकोड़ (barcode)?
बारकोड (barcode)किसी उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी जैसे उसका मूल्य, उसकी मात्रा, किस देश में बना, किस कंपनी ने बनाया आदि देता है. बारकोड को ऑप्टिकल स्कैनर की सहायता से पढ़ा जा सकता है। आसान भाषा में समझे तो आप जब भी कोई सामानों खरीदते हैं तो उसके पैकेट के पिछे एक तरफ साइड में काली–काली लंबी लाइन बनी होती है जिसे तकनीक भाषा बारकोड (barcode) कहा जाता है।