मुरलीधरन ( Muttiah Muralitharan ) के गेंदबाजी एक्शन को लेकर कई बार सवाल उठाए गए लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और हर दफा लोगों को गलत साबित किया।
नई दिल्ली। क्रिकेट ( Cricket ) की दुनिया के सबसे कामयाब स्पिनर मुथैया मुरलीधन ( Muttiah Muralitharan ) का जन्म आज यानि 17 अप्रैल 1972 को हुआ था। आज वह 48 साल के हो चुके हैं। क्रिकेट के इतिहास में वह सबसे कामयाब टेस्ट और वनडे गेंदबाज माने जाते हैं।
मुरली ( Murali ) ने रिकॉर्ड खुद इस बात की गवाही देते हैं कि क्रिकेट की दुनिया में उनके जैसे शानदार हुनर वाला कोई दूसरा स्पिनर नहीं हुआ। टेस्ट में सबसे ज्यादा 800 विकेट लिए हैं वहीं वनडे में 534 विकेट अपने नाम किए थे जो आज तक एक रिकॉर्ड है।
मुरली के साथ भी क्रिकेट की दुनिया का एक बड़ा ही रोचक रिकॉर्ड जुड़ा है। साल 1995 में मेलबर्न टेस्ट में अंपायरों ने मुरली की सात गेंदों को नोबॉल करार दिया। कप्तान अर्जुन रणतुंगा ( Arjuna Ranatunga ) ने इसका विरोध किया और मैच बीच में छोड़ने की धमकी दे डाली थी।
दरअसल इस दौरान मुरलीधरन के गेंदबाजी एक्शन को लेकर कई बार सवाल उठाए गए और उनके काफी टेस्ट भी किए गए। आखिरकार आईसीसी ने उनके एक्शन को हरी झंड़ी दिखाई। मुरलीधरन ड्रॉ और हारे हुए टेस्ट मैचों में सबसे अधिक विकेट लेने के मामले में पहले नंबर पर हैं।
कई क्रिकेट जानकरा मानते हैं कि मुरली शीशे पर भी गेंद को घुमा सकते हैं जो कि वाकई अद्भुत है। मुरली की कलाई रबर जैसी थी जिससे वह गेंदों को शानदार तरीके से स्पिन करते थे, उनके संन्यास लेने के बाद कोई भी दूसरा स्पिनर ऐसा नहीं दिखा जिसमें उनकी छवि दिखाई देती हो।