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Christmas Day 2019: जानिए क्यों सजाया जाता है ‘क्रिसमस ट्री’, जर्मनी से हुई थी शुरुआत

हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है क्रिसमस का त्यौहार दुनिया भर में होती है इस त्यौहार की धूम

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happy christmas 2019

नई दिल्ली: पूरी दुनिया भले ही नए साल के इंतजार में पलकें बिछाए इंतजार कर रही हो, लेकिन इससे पहले आने वाले त्यौहार का भी लोगों को काफी इंतजार रहता है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं 'क्रिसमस' की। क्रिसमस ( Christmas ) का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग क्रिसमस-ट्री को खूब सजाते हैं, लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है। चलिए हम बताते हैं।

दरअसल, पूरी दुनिया में लोग क्रिसमस का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। अपने घरों में लोग क्रिसमस ट्री सजाते हैं। दरअसल, कुछ यूरोपीय देशों में क्रिसमस ट्री की शाखाओं का उपयोग भूत भगाने के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि क्रिसमस के पेड़ की शाखाओं को लगाने से भूत और बुरी आत्माएं बच जाती हैं। क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा जर्मनी ( Germany ) से शुरू हुई। जब वे इंग्लैंड पहुंचे, तब तक 8 वीं शताब्दी की परंपरा पूरी दुनिया में फैल चुकी थी। क्रिसमस ट्री की कहानी प्रभु यीशु के जन्म से शुरू होती है।

वहीं जब वो पैदा हुए थे, तो वो अपने पिता, मैरी और जोसेफ को बधाई देने के लिए एक दूत था। वहीं कई देशों में ये भी माना जाता है कि क्रिसमस ट्री को सजाने से बच्चों का जीवन बढ़ता है। यही नहीं, परिवार की सेहत भी अच्छी रहती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। क्रिसमस ट्री को लेकर कई मान्यताएं हैं। वहीं दूसरी तरफ प्राचीन रोम में एक मान्यता के अनुसार, एक बच्चे को भोजन और आवास के लिए किसी जनजाति को एक पेड़ की एक छोटी शाखा दी गई थी। यह माना जाता है कि बच्चा कोई और नहीं बल्कि स्वयं भगवान यिशुमेश था।

Published on:
24 Dec 2019 04:29 pm
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