
नई दिल्ली। 30 जनवरी 1948 का वो दिन जब महात्मा गांधी की हत्या होने के बाद पूरा देश उस शोक में डूबा था। देश का हर व्यक्ति उनके जाने से रो रहा था। आज भले ही बापू हमारे बीच नही हैं लेकिन उनके आदर्शों को लोग याद करते हुये उस पथ पर चलने की कोशिश करते हैं। पूरी दुनिया को महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने सत्य अंहिसा का पाठ पढ़ाया। और आज भी लोग उनके आदर्श विचारों को मानकर उन्हें याद करते हैं।
विश्व में शांति का संदेश देने वाले महात्मा गांधी की आज पुण्य तिथि है (30 जनवरी 2021) को उनकी 73वीं पुण्यतिथि है पूरा देश और दुनियां उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रही है। आज हम इस महान संत से जुंड़ी उन चीजों को भी याद कर रहे हैं जो हमेशा उनके साथ रहती थी। और वो है बापू की निशानियां, जानिए उन निशानियों के बारे में..
नीलाम हो चुकी हैं बापू की ये निशानियां
राष्ट्रपिता (Father of Nation) महात्मा गांधी की मौत के बाद उनकी निशानियां ब्रिटेन चली गई। और ब्रिटेन में उनके समानों की नीलामी (Auction) हुई थीं। भारत (India) ने बापू की निशानियों को नीलाम होने से बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन नाकामी हाथ लगी। इसके बाद से बापू के खून के नमूने, से लेकर शॉल, चप्पल, चावल का कटोरा, वसीयत और पॉवर ऑफ अटॉर्नी जैसी चीजों की नीलामी की गई जिससे 2 करोड़ 51 लाख 64 हजार रुपये यानी (तीन लाख पौंड) इकठ्ठा किये गए।
इसके बाद इनकी टोपी, चरखा, तुलसी की माला और चश्मे की भी नीलामी की गई। इतना ही नहीं, गांधी जी की निशानी ने नीलामी में विश्व रिकॉर्ड (Auction World Record) भी बनाया।
गांधी की वसीयत (Gandhi's Will)
गांधीजी की वसीयत को 46,13,400 रुपये (55 हजार पौंड) में नीलाम किया गया था। लोगों को इससे भी कहीं ज्यादा में बिकने की उम्मीद लगाई गई थी।
खून के नमूने (Blood Sample)
बापू के खून के नमूने तक की नीलामी हुई थी। जिसका नमूना 1924 में मुंबई के एक अस्पताल में लिया गया था। मुंबई के इस अस्पताल में बापू का अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था। उनके इस खून की नीलामी से केवल 5,87,000 रुपये (7,000 पौंड) मिले थे।
बापू की चिट्ठी (Bapu's Letter)
बापू की वर्ष 1943 में लिखी गई एक चिट्ठी ने नीलामी में विश्व रिकार्ड (Auction World Record) बनाया था. वह चिट्ठी एक लाख 15 हजार पौंड में नीलाम हुई थी।
खून से सनी मिट्टी और घास (Soil And Grass)
नीलामीकर्ताओं ने बापू की हत्या के समय उनके खून से सनी मिट्टी और घास के टुकड़े भी नीलाम कर दिए हैं.
चमड़े की चप्पलें (Leather Slippers)
बापू की पहनी हुई चमड़े की चप्पलें भी 19 हजार पौंड में नीलाम हो चुकी हैं।
तुलसी की माला (Basil Rosary)
बापू द्वारा जाप के लिए इस्तेमाल की हुई तुलसी की माला की नीलामी 9500 पौंड में हुई थी।