कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बकरा लेने आए अशरफ नाम के एक शख्स टप्पेबाज का शिकार हो गए।
नई दिल्ली: देशभर में ईद-उल-जुहा का त्यौहार 22 अगस्त को मनाया जाएगा। कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद—फरोख्त का सिलसिला जारी है। अलग-अलग शहरों की मंडियों में बकरों की बिक्री के लिए रात में मंडियां लगाई जा रही हैं। पशु व्यापारी कई नस्लों के बकरों को लेकर आ रहे हैं। इसी में कुछ ऐसे भी है जो बकरों के नाम धोखाधड़ी भी कर रहे हैं। इस धोखाधड़ी का शिकार उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक शख्स हो गया।
बकरे की जगह थमा दिया कुत्ता
जी हां, कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बकरा लेने आए अशरफ नाम के एक शख्स टप्पेबाज का शिकार हो गए। टप्पेबाज उन्हें बकरे की जगह कुत्ता थमा गए। भौंकने पर अशरफ को पता चला कि उसके पास बकरा नहीं बल्कि कुत्ता है। जिसके बाद अशरफ ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
रात में पता चली हकीकत
जानकारी के मुताबिक, कानपुर के जाजमऊ चुंगी स्थित मंडी में अशरफ बकरीद से पहले तीन बकरों को लेकर आए थे। रात होने की वजह से वह बकरों को सही से देख नहीं पाए थे। बताया जा रहा है कि रात में अचानक एक 'बकरा' भौंकने लगा। घर में कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनकर सभी हैरान रह गए। जब बकरों के पास गए तो पता चला कि उनमें से एक बकरा असल में कुत्ता है और उसपर काला रंग किया गया है। अशरफ ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
बकरीद पर दी जाती है बकरे की कुर्बानी
बता दें, ईद-उल-अजहा यानी बकरीद बुधवार यानी 22 अगस्त को मनाई जाएगी। ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद के बाद मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार बकरीद आता है। मीठी ईद के ठीक 2 महीने बाद बकरीद आती है। हिंदुओं में होली और दिपावली सबसे बड़े त्योहार हैं, उसी प्रकार मुस्लिम समुदाय में ये दोनों ईद बड़े त्योहार हैं। इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है।