
नई दिल्ली। मोरक्को ( Morocco ) में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, गरीबी और असमानता के खिलाफ लोग अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। मोरक्को की जनता सरकार के कड़े कानूनों के बावजूद बगैर डरे अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रही है। यहां के लोग वीडियो या मैसेज के जरिए अपनी समस्याओं से दुनिया को रूबरू करा रहे हैं।
इससे जुड़ा एक वीडियो ( Video ) काफी चर्चित हो रहा है। इस वीडियो में तीन युवा गाने के जरिए अपनी और देश की समस्याओं को बता रहे हैं। लेकिन राजा और उनके समर्थकों को अपनी सरकार की यह आलोचना पसंद नहीं आई और सरकार ने लोगों के साथ सख्ती बरतने की सारी हदें पार कर दी।
इस बात की तस्दीक इस वाकये से हो जाएगी। दरअसल एक युवा को सिर्फ इसलिए सजा दी गई क्योंकि उसने राजा जिंदाबाद के बजाय जनता जिंदाबाद कहा था। सरकार से असहमति जताने वाले आम मोरक्कोवासियों पर अत्याचार और जेल भेजने की शुरुआत यू-ट्यूब ( Youtube ) पर एक वीडियो के हिट होने के बाद से हुई।
वीडियो में तीन युवाओं ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, सामाजिक असमानता की खिलाफत करते हुए एक गाना ( Song ) रिलीज किया। लेकिन किंग मोहम्मद और समर्थकों को अपनी यह आलोचना रास नहीं आई और उन्होंने इसका बदला लेने के लिए लोगों पर जुर्म ढ़हाने शुरू कर दिए।
मीडिया खबरों के मुताबिक एक युवा को तो सिर्फ इसलिए जेल में डाल दिया गया कि उसने राजा की मिमिक्री या उनके जैसी आवाज रिकॉर्ड की थी। ऐसे ही 18 वर्षीय युवा ने फेसबुक पर इस गाने को शेयर किया, तो उस पर राजा के लिए अपमानजनक विचार व्यक्त करने का आरोप लगाकर उसे भी 3 साल के लिए जेल में ड़ाल दिया गया।
मोहम्मद सेकाकी उर्फ मौल कास्किता को राज्य की अवमानना के मामले में गिरफ्तार कर 4 साल के लिए जेल भेज दिया गया। मोहम्मद ने अपने वीडियो में कहा था- आपके भाषण अब हमें हिम्मत नहीं देते, जब हम बीमार होते हैं, तो अपने ही देश और अस्पतालों में इलाज नहीं करा सकते, वहीं आप इलाज के लिए विदेश चले जाते हैं।
आप कहते हो- मेरे प्यारे देशवासियों। जबकि हम बेरोजगारी, विषमता और अन्याय से बुरी तरह सहम गए हैं। जिस गाने से सरकार इतनी डरी हुई है उस गाने के बोल है- किसने देश को कुचल दिया और अमीर बनना चाहता है, किसने हमारी गरिमा का उल्लंघन किया..हमें इस झमेले में क्या मिला.. मैं वह आदमी हूं, जिसने आप पर भरोसा किया, पर बदले में मुझे विश्वासघात मिला।