मॉस्को में इस बार का दिसम्बर सबसे गर्म रहा सड़कों पर बिछाई गई आर्टिफिशियल बर्फ
नई दिल्ली। रूस ( Russia ) में सर्दियों के मौसम में कड़ाके की ठंड पड़ती है। रूस में दिसंबर के महीने में बर्फबारी ( Snowfall ) शुरू हो जाती है। इस दौरान यहां का तापमान माइनस 6 से 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। लेकिन साल 2019 में 134 साल में पहली बार दिसंबर यहां सबसे गर्म महीना रहा।
इस बार यहां का तापमान ( temperature ) 7 डिग्री तक पहुंच गया। इसी वजह से नए साल ( New Year 2020 ) का जश्न मनाने से पहले मॉस्को ( Moscow ) की सड़कों पर आर्टिफिशियल बर्फ ( Artificial snow ) बिछाई गई, ताकि लोगों को पिछली ठंड का अहसास मिल सकें। इस बार की ठंड में लोग पुराने व्यू को देख नहीं पा रहे थे।
ऐसे में हर साल के जैसे नजारे को देखने के लिए यहां अधिकारियों ने बर्फ को सड़को पर बिछाने का फैसला किया। आर्टिफिशियल बर्फ मॉस्को के रेड स्क्वायर और तेवरकाया स्ट्रीट पर बिछाई गई। स्नोबोर्ड स्लाइड को विकसित करने के लिए पास के रिंक से बर्फ लाई गई थी।
पिछली बार रूस में साल 1886 में तापमान 5.3 डिग्री पहुंचा था। रूस के हाइड्रोमेथेरोलॉजिकल रिसर्च सेंटर के अनुसार 18 से 25 दिसंबर तक रूस का तापमान 2 से 7 डिग्री सेल्सियस तक रहा। जो कि 134 साल में सबसे ज्यादा गर्म रहा।
राजधानी मॉस्को ( Moscow ) दिसंबर में बर्फ से ढंकी रहती है। यहां इस महीने में इतनी बर्फ पड़ती है कि सरकार इसे हटाने के लिए अच्छी खासी रकम खर्च करती है, लेकिन इस बार दिसंबर में यहां बर्फबारी नहीं हुई। आर्टिफिशियल स्नो ( Artificial Snow ) यहां लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।