
कहते हैं पढ़ाई की कोई उम्र और वक्त नहीं होता। मध्यप्रदेश की एक तेज तर्रार महिला विधायक ने इसी उक्ति को सार्थक करते हुए इस वर्ष दसवीं कक्षा की परीक्षा देने का निर्णय किया है। यह सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लग सकता है परन्तु यह सत्य है। दमोह जिले के पथरिया से बसपा विधायक राम बाई इन दिनों राज्य ओपन बोर्ड द्वारा आयोजित दसवीं की परीक्षा दे रही हैं। दमोह के शासकीय जेपीवी स्कूल में राज्य ओपन परीक्षा चल रही है और इस दौरान लोगों ने जब राम बाई को परीक्षा देते देखा तो वे अचरज में पड़ गए।
स्कूल स्टॉफ ने सोचा, वह एग्जाम व्यवस्था का जायजा लेने आई हैं
सबसे बड़ा आश्चर्य तो वहां के स्टाफ को हुआ। विधायक को देखकर उन्हें लगा कि वह परीक्षा व्यवस्था का मुआयना करने आई है, परन्तु जब उनके एग्जाम देने की बात पता चली तो वहां मौजूद हर कोई अचरच में पड़ गया। उल्लेखनीय है कि राम बाई की गिनती तेजतर्रार विधायकों में होती है।
स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि राज्य ओपन बोर्ड की परीक्षा 14 दिसंबर से 29 दिसंबर तक चल रही है, इसमें पथरिया विधायक राम बाई भी कक्षा दसवीं की परीक्षा दे रही हैं। राज्य ओपन बोर्ड द्वारा उन लोगों के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है, जो कई वर्षो पहले पढ़ाई छोड़ चुके होते हैं।
विधायक ने कहा, पढ़ाई छूटने की मन में होती थी पीड़ा
जब इस बारे में विधायक राम बाई से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे हमेशा इस बात की मन में पीड़ा रहती थी कि मैं अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई, इस पीड़ा को मेरी बेटी ने समझा और वर्षों पहले अधूरी छूटी पढ़ाई को पूरा करने के लिए कहा। वर्तमान में तो बेटी ही गुरु बन गई है। मैं दसवीं के पेपर दे रही हूं और परीक्षा पास करने के लिए घंटों पढ़ाई भी करती हूं, यह बेटी की वजह से हो पा रहा है।