रूस में लोग कागज जलाते हैं चिली प्रकृति की अनोखी भेट है
नई दिल्ली: पूरी दुनिया नए साल 2020 का पलकें बिछाए इंतजार कर रही है और 2019 को अलविदा कहने की तैयारी। बस कुछ ही दिन और बचे हैं नए साल के आने में। नया साल नई आकांक्षओं, नई उम्मीदों को उड़ान देगा। जहां नए साल के दिन अपने-अपने तरीकों से इसे सेलिब्रेट करते हैं, तो वहीं एक जगह ऐसी भी है, जहां लोग रात में कब्रिस्तान ( cemetery ) में बैठते हैं और एक चम्म्च दाल भी खाते हैं। चलिए आपको बताते हैं इसके पीछे क्या वजह है।
ये बात किसी से छुपी नहीं कि चिली ( chilli ) देश प्रकृति की अनोखी रचना है। यहां लोग नए साल से एक दिन पहले रात में एक चम्मच दाल खाते हैं। वहीं कुछ लोग नए साल के दिन ये प्रक्रिया अपने मृत परिजनों और प्रियजनों के साथ करते हैं। कुछलोग नए साल की रात अपने मृतक प्रियजनों की कब्र के निटक कब्रिस्तान में बिताते हैं। लोग इस दिन दाल इसलिए खाते हैं क्योंकि उनका मानना है कि ऐसा करने से 12 महीने तक समृद्धि आती है। वहीं इस दिन यहां जूते के नीचे पैसे रखने का भी रिवाज है।
डेनमार्क में पड़ोसियों के साथ नए साल के स्वावगत का रिवाज है। यहां लोग नए साल पर अपने पड़ोसियों के दरवाजों पर प्लेट और गिलास तोड़ते हैं। आधी रात को कुर्सी पर खड़े हो जाते हैं और जैसे ही रात के 12 बजते हैं, कुर्सी से कूद जाते हैं। इसे पूरे साल उत्सासह और रोमांच से जोड़कर देखा जाता है। वहीं रूस में लोग साल के आखिर दिन अपनी विशेज कागज के पन्नों पर लिखते हैं और फिर उसे जला देते हैं। वहीं सबसे खास बात ये है कि कागज की राख को शैम्पेन के साथ मिलाकर गटक जाते हैं।