
नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना (Coronavirus) ने तबाही मचा रखा है। रोजाना हजारों लोग इस वायरस की वजह से अपनी जान गवां रहे हैं। WHO की लिस्ट में 165 कंपनियां इन महामारी की वैक्सीन बना रही है। ये कंपनी प्री क्लीनिकल स्टेज (Pre clinical stage) तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन इनमें ये केवल 23 ही मानव परीक्षण करने वाली हैं। हालांकि इनमें से एक वैक्सीन लांच भी कर दी गई है। जिसका नाम है Sputnik। Sputnik को रूस ( Russia ) के वैज्ञानिकों ने बनाया है। और ये दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर र पुतिन (Vladimir Putin) ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि उनके देश ने कोरोना वायरस(Coronavirus) की पहली वैक्सीन बना ली है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी को भी यह टीका लगाया गया है और वह अच्छा महसूस कर रही है। लेकिन इस वैक्सीन (corona vaccine) के साथ एक समस्या ये है कि इसे 18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को नहीं दिया सकता है। इनके अलाव प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी।
दरअसल, रूस के सरकारी दस्वावेजों के आधार पर Fontanka न्यूज एजेंसी ने एक रिपोर्ट बनाई है। जिसमें कहा गया है कि 18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को इसलिए वैक्सीन(corona vaccine) नहीं लगाई जाएंगी क्योंकि इन लोगों पर पड़ने वाले असर को लेकर पता नहीं है। यानी ये वैक्सीन इस ऐज वालों पर अभी चेक नहीं की गई है।
इसके अलावा इस वैक्सीन को प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी देने से मना किया गया है। यानी जिनको सबसे अधिक जरूरत है कोरोना वैक्सीन(corona vaccine) की उन्हें ये वैक्सीन लेने से ही मना कर दिया गया है।