
नई दिल्ली। साल खत्म होने से पहले 26 दिसंबर को सूर्य ग्रहण पड़ेगा। ये खंडग्रास ग्रहण होगा। चूंकि इस बार सूर्य ग्रहण वृद्धि योग और मूल नक्षत्र में पड़ रहा है। साथ ही गुरुवार और अमावस्या (amavasya) का संयोग बन रहा है। ऐसे में ये अशुभ की जगह शुभ संकेत है। ऐसा दुर्लभ सूर्यग्रहण (solar eclipse) 296 साल पहले 7 जनवरी 1723 को बना था। ग्रहण की अवधि 3.30 घंटे की रहेगी।
पंडित रवि मिश्रा के अनुसार इस बार सूर्य ग्रहण धनु राशि (zodiac signs) में पड़ रहा है। इस दौरान 6 ग्रह (planets) एक साथ होंगे। खंडग्रास ग्रहण 12 देशों में दिखाई देगा। जिनमें भारत भी शामिल होगा। भारत में सूर्य ग्रहण की शुरुआत सुबह 8.04 बजे से होगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक लगभग तीन सदी के बाद ऐसा सूर्य ग्रहण पड़ रहा है जो शुभ फल देगा।
विद्वानों के अनुसार इस सूर्य ग्रहण का देश पर अच्छा असर होगा। इससे बेहतर आर्थिक और राजनीतिक स्थितियां बनेंगी। इस बीच अच्छी बारिश होने के भी आसार है। ये बहुत विचित्र संयोग है कि लगभग 300 साल के अंतर में ऐसा ग्रहण हो रहा है जिसके प्रभाव में सभी 9 ग्रह होंगे। इनमें से 7 ग्रह सीधे सूर्य के संपर्क में हैं। इससे सारे 12 राशियों के जातकों को लाभ होगा। इसमें तरक्की के रास्ते खुलने के अलावा किस्मत का भी साथ मिलेगा।