दिखने में यह बहुत सामान्य सा प्रश्न दिखता है लेकिन इसके पीछे भौतिक विज्ञान का एक रहस्य छिपा हुआ है।
आपने बहुत बार देखा होगा कि एक भारी भरकम ट्रैक्टर जिसमें खूब सारा वजन लदा हुआ हो वह नर्म, कीचड़ वाली जगह पर आराम से चल सकता है जबकि खेतों में काम करने वाले किसानों के पैरों मामूली से पानी की मिट्टी में धंसने लगते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
भौतिक विज्ञान का यह नियम करता है काम
इसके पीछे भौतिक विज्ञान का रहस्य छिपा हुआ है। दरअसल यह सारा खेल भार और दबाव के बीच के अंतर का है। वजन के हिसाब से ट्रैक्टर किसी आदमी या पशु से वजन से बहुत ज्यादा होता है लेकिन उसका आकार इस प्रकार होता है कि उसका भार काफी बड़े क्षेत्रफल पर पड़ता है। इस कारण ट्रैक्टर की निचली सतह का प्रति वर्ग सेंटीमीटर पर पड़ रहा भार (दबाव) किसी आदमी या पशु के बनिस्पत बहुत कम हो जाता है और वह आसानी से दलदली मिट्टी में नहीं धंसता। दूसरी ओर किसी भी व्यक्ति या जानवर के शरीर का सारा भार उनके पैरों के बहुत छोटे से हिस्से पर पड़ता है जिसका कारण दबाव किसी बड़े ट्रैक्टर की तुलना में बहुत ज्यादा हो जाता है और वे दलदली जमीन में धंसने लगते हैं।
ध्यान रखें कि कोई भी वस्तु जमीन में केवल भारी होने के कारण ही नहीं धंसती वरन वह तब धंसती है, जब उसके द्वारा जमीन पर डाला जा रहा दबाव अधिक हो जाता है।