अमृतसर हादसे का दर्दनाक मंजर देखने के बाद 20 साल की रिम्पी के दिमाग की नस फट गई और उसकी मौत हो गई।
नई दिल्ली: पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार की शाम रावण दहन के दौरान एक ऐसी रेल आई, जिसने करीब 61 लोगों को काल के गाल में पहुंचा दिया। किसी का हाथ मिला तो किसी का पैर, किसी की बॉडी मिली, लेकिन सिर नहीं। रेल की पटरी खून से लाल हो चुकी थी। हर तरह चीख—पुकार थी, आंसुओं का सैलाब था। जिसने भी यह भयावह मंजर देखा उसकी रुह कांप गई, लेकिन एक ऐसी महिला भी थी जो इस हादसे का शिकार तो नहीं हुई, लेकिन फिर भी मौत के मुंह में समा गई।
61 की मौत, 72 अन्य घायल
दरअसल, अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार शाम दशहरा के मौके पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी। लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार में ट्रेन आई और लोगों को कुचलती हुई चली गई। पटरियों पर खड़े लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 72 अन्य घायल हो गए।
मंजर देख घर आ गई थी फट गई दिमाग की नस, आैर फिर...
इस दर्दनाक मंजर को देखने के बाद 20 साल की रिम्पी अपने सही—सलामत अपने घर आ गई थी। घर पर उसे अचानक सिर दर्द होने लगा। देखते ही देखते उसके दिमाग की नस फट गई और उसके मुंह से खून आने लगा।
छह महीने पहले हुई थी शादी, रावण दहन देखने मायके आई थी रिम्पी
भाई दीपक ने बताया कि वह छह महीने पहले रिम्पी की शादी हुई थी। शादी के बाद वह पहला दशहरा देखने के लिए मायके आई थी। उसने जोड़ा फाटक में हुए रेल हादसे का मंजर अपनी आंखों से देखा। जब वह घटना के बाद घर लौटी तो सिर दर्द को कहने लगी। एकाएक उसके दिमाग की नस फट गई, जिससे उसके मुंह से खून आने लगा। उसे अस्तपाल में भर्ती कराया गया, लेकिन वह नहीं बच सकी।