फरवरी में टेस्ट कराने पर कुत्ता पॉजिटिव पाया गया था जबकि मार्च में रिपोर्ट ( Report ) नेगेटिव रही थी
नई दिल्ली। हॉन्ग कॉन्ग ( Hong Kong ) में कोरोनावायरस ( coronavirus ) से कुत्ते की मौत का पहला मामला सामने आया है। दो दिन पहले ही कुत्ते को हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। इसके बाद बुधवार को उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दी गई लेकिन घर लाते ही उसकी मौत हो गई।
17 साल का पोमरैनियन ब्रीड का कुत्ता एक 60 साल की महिला का है। हालांकि कुत्ते की मालकिन ने उसका पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि उसमें लक्षण तो नहीं दिखें, लेकिन इसके उलट एक डॉक्टर का कहना है कि उसके नाक और मुंह के नमूनों में वायरस से मिलते-जुलते लक्षण दिखे हैं।
आपको बता दें कि यह कुत्ता पिछले महीने पॉजिटिव पाया गया था। लेकिन इसी महीने जब उसका टेस्ट किया गया था तो नतीजा निगेटिव आया। जिसके बाद उसे घर जाने की परमिशन दे दी गई। कुत्ते की मालकिन फरवरी के अंत में कोरोना संक्रमित हो गई थी और उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इसके बाद उनकी सेहत में सुधार होने के बाद 8 मार्च को उन्हें अस्पताल ( Hospital ) से छुट्टी दे दी गई थी। एएफसीडी ने पहले बताया था कि महिला और कुत्ते में जो वायरस मिला है उसकी जीन एक जैसे ही हैं। जीन सिक्वेंस के नतीजे से पता चलता है कि वायरस संक्रमित व्यक्ति से फैला और जिसके बाद वह कुत्ते में पहुंचा।
इस मामले पर विभाग ने कहा कि इसकी गहन जांच की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि उसमें वायरस था या नहीं। इस मामले के सामने आने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अब तक पालतू जानवरों से कोरोना के संक्रमण फैलने के कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले है।
हॉन्ग कॉन्ग में कुत्ते के संक्रमित होने के मामले में डब्ल्यूएचओ ने कहा कि COVID-19 संक्रमित व्यक्ति के कफ, छींक, या सम्पर्क से फैल सकता है, लेकिन कुत्ते-बिल्ली या किसी दूसरे जानवर से इसके संक्रमण के फैलाव के बारें में अभी तक किसी तरह की कोई सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है।