
नई दिल्ली। बेहद ही सनसनी से भरा हैसला सुनते हुए ब्रिटेन की एक अदालत ने 18 साल की एक लड़की को आतंकी हमले की योजना बनाने के मामले में दोषी ठहराया है। उसे ब्रिटेन की अदालत में आतंकी हमले की योजना बनाने के मामले में दोषी ठहराया। बस इसके बाद ही वह इस्लामिक स्टेट की सबसे कम उम्र की दोषी ब्रिटिश आतंकी बन गई। इस 18 साल की आतंकी को ब्रिटिश म्यूजियम पर हमले की योजना बनाने के मामले में दोषी ठहराया गया। उसे तब गिरफ्तार किया गया जब वह आईएस में शामिल होने के लिए सीरिया जाने की योजना बना रही थी और आईएस के आतंकी एवं अपने प्रेमी के मारे जाने के बाद वह लंदन में आतंकी हमला करने की तैयारी कर रही थी। लड़की का नाम सफा बाउलार है और वह सीरिया जाकर आईएस के साथ जुड़ कर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की मंशा रखती थी।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार छह हफ्ते के अंदर उसे सजा सुनाई जाएगी। बता दें कि साल 2015 में बाउलार पेरिस में हुए आतंकी हमलों के बाद आतंकियों के ऑनलाइन संपर्क में आकर कट्टरपंथ की शिकार हो गई थी। उस समय उसकी उम्र 16 साल की थी। अदालत के अनुसार आईएस के आतंकी जो उसका प्रेमी भी था के मारे जाने के बाद वह लंदन पर आतंकी हमला करने की जुगत में थी और सक्रियता से अपने काम को अंजाम देने में लगी हुए थी। अगर ज्ञात हो तो भारत और ब्रिटेन ने लश्कर- ए- तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया था। दोनों देशों ने इस बात पर भी जोर दिया था कि आतंकवाद को किसी एक धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार ओल्ड बैली स्थित एक ज्यूरी ने उसे आतंकवाद के दो आरोपों में दोषी ठहराया है और जल्द ही उसे सजा सुनाने का फैसला किया है।