हुबली

24 साल से शिम्पी गली में विराज रहे चांदी के गणपति, तिरुपति बालाजी की भव्य झांकी बनी आकर्षण

शहर की शिम्पी गली में गणेशोत्सव की 24 वर्ष पुरानी परंपरा इस वर्ष भी आस्था और आकर्षण के साथ जारी है। मारुति युवक सेवा संघ की ओर से यहां स्थापित करीब 65 किलो चांदी से सजी गणपति प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। चांदी की प्रतिमा के साथ सिंहासन और आसपास की सजावट भी उत्सव की भव्यता बढ़ा रही है। गणपति दर्शन के साथ श्रद्धालु यहां तिरुपति बालाजी की भव्य झांकी का भी आनंद ले रहे हैं।
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चांदी की आभा में आस्था: शिम्पी गली में 65 किलो चांदी से सजी गणपति प्रतिमा
चांदी की आभा में आस्था: शिम्पी गली में 65 किलो चांदी से सजी गणपति प्रतिमा

24 वर्षों से जारी है गणेशोत्सव की परंपरा

मारुति युवक सेवा संघ की ओर से पिछले 24 वर्षों से लगातार गणेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष उत्सव को नया स्वरूप देने और श्रद्धालुओं के लिए कुछ अलग आकर्षण प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। इस बार चांदी से सजी गणपति प्रतिमा को विशेष रूप से सजाए गए मंच पर विराजमान किया गया है।

चांदी की आभा में आस्था: शिम्पी गली में 65 किलो चांदी से सजी गणपति प्रतिमा और तिरुपति बालाजी की भव्य झांकी के दर्शन के लिए उमड़ते श्रद्धालु।

65 किलो चांदी से सजी गणपति प्रतिमा

गणपति प्रतिमा में करीब 65 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया है। प्रतिमा के साथ सिंहासन और आसपास के हिस्सों में भी चांदी का उपयोग किया गया है। रोशनी और आकर्षक सजावट के बीच चांदी की आभा से दमकता गणपति का दरबार श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रहा है।

तिरुपति बालाजी के दर्शन करा रही भव्य झांकी

गणपति स्थापना के पांच दिन बाद यहां विशेष शो शुरू किया गया है। इसमें तिरुपति तिरुमला देवस्थान के बालाजी मंदिर पर आधारित भव्य झांकी प्रस्तुत की जा रही है। झांकी में तिरुपति बालाजी के दर्शन का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। शाम होते ही शो देखने के लिए शिम्पी गली में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।

शाम 6.30 बजे से देर रात तक शो

तिरुपति बालाजी की झांकी पर आधारित शो प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से देर रात तक चल रहा है। श्रद्धालुओं के लिए शो पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। इसके अलावा 20 रुपए शुल्क के साथ विशेष दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

सामान्य और विशेष दर्शन के लिए अलग कतार

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सामान्य दर्शन और विशेष दर्शन के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। इससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल रही है और भीड़ को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल रही है।

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

गणेशोत्सव के दौरान मारुति युवक सेवा संघ की ओर से विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। गणपति दर्शन और झांकी के साथ श्रद्धालु इन आयोजनों में भी सहभागिता कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार शाम के समय शो देखने के लिए विशेष रूप से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

मारुति युवक सेवा संघ के अध्यक्ष रवि यल्लाक्कनवर

हर वर्ष उत्सव को नया और आकर्षक बनाने का प्रयास

मारुति युवक सेवा संघ के अध्यक्ष रवि यल्लाक्कनवर ने बताया कि शिम्पी गली में पिछले 24 वर्षों से लगातार गणेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष उत्सव को नया और आकर्षक बनाने का प्रयास किया जाता है। इस बार करीब 65 किलो चांदी से सजी गणपति प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है। गणपति स्थापना के पांच दिन बाद तिरुपति तिरुमला देवस्थान के बालाजी दर्शन पर आधारित भव्य शो शुरू किया गया है। शाम 6.30 बजे से देर रात तक चलने वाले इस शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। शो निशुल्क है, जबकि 20 रुपए शुल्क के साथ विशेष दर्शन की सुविधा भी रखी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामान्य और विशेष दर्शन की अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं।

Updated on:
21 Sept 2026 10:05 pm
Published on:
21 Sept 2026 10:01 pm
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