कर्नाटक के हुब्बल्ली शहर में प्रदर्शन के दौरान एक महिला कार्यकर्ता के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। महिला कार्यकर्ता का आरोप है कि पुलिस हिरासत के दौरान उसके साथ हाथापाई की गई और उसके कपड़े फाड़ दिए गए। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह से असत्य और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला एक बस के अंदर दिखाई दे रही है और उसे महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों ने घेर रखा है। वीडियो में महिला विरोध करती नजर आती है और कथित तौर पर धक्का-मुक्की का दृश्य भी दिखाई देता है। इसी वीडियो के आधार पर विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस ने आरोप को तथ्यहीन बताया
हुब्बल्ली-धारवाड़ पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। उनके अनुसार, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े एक मामले में राजस्व अधिकारियों पर हमला किया गया था। इसी दौरान महिला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी का विरोध करते हुए महिला ने स्वयं अपने कपड़े उतार लिए और पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिससे चार महिला पुलिसकर्मियों सहित कुछ अन्य कर्मियों को चोटें आईं। बाद में महिला पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने उसे नया वस्त्र पहनाने में मदद की।
कांग्रेस शासन में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए
पुलिस के अनुसार, महिला के खिलाफ पहले से नौ मामले दर्ज हैं और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कांग्रेस शासन में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए और घटना को शर्मनाक बताया। बताया जा रहा है कि संबंधित महिला पहले कांग्रेस से जुड़ी थीं और हाल ही में भाजपा में शामिल हुई थीं, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। फिलहाल, मामले को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग तेज होती जा रही है।