
गणेशोत्सव के दौरान मंदिर में प्रतिमा स्थापना के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। इस वर्ष स्थापित गणेश प्रतिमा का 20 सितंबर को विसर्जन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में क्यूआर कोड के माध्यम से दान देने की व्यवस्था भी की गई है।
मंदिर में गणेश जयंती भी धूमधाम से मनाई जाती है। इस अवसर पर शोभायात्रा, पालकी उत्सव सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। अशोक नगर रेलवे ब्रिज से बैलप्पनवर नगर और आसपास के मार्गों से शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
मंदिर परिसर में गणपति के साथ शिवलिंग और हनुमान मंदिर भी स्थापित हैं। पेड़ के समीप नागदेवता का मंदिर भी है। इससे यह परिसर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न देवी-देवताओं की आराधना का प्रमुख स्थल बना हुआ है।
पुजारी वीरेश लखुंडीमठ ने बताया कि मंदिर प्रतिदिन सुबह 6.30 से दोपहर 12.30 बजे तक तथा शाम 5.30 से रात 9 बजे तक खुला रहता है। समय-समय पर विभिन्न धार्मिक आयोजन होते हैं। श्रद्धालु विशेष रूप से संतान प्राप्ति और परिवार के कल्याण की कामना लेकर गणपति के दर्शन करने पहुंचते हैं।