
गौपालकों, किसानों, गौशालाओं से संवाद स्थापित
यात्रा संयोजक भारत सिंह राजपुरोहित शिवतलाव ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर गौपालकों, किसानों, गौशालाओं, पशु विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों से संवाद स्थापित करना तथा गौ संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के व्यावहारिक एवं स्थायी मॉडल विकसित करने की दिशा में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
किसानों की आय बढ़ाने में गौ आधारित अर्थव्यवस्था की भूमिका
यात्रा के दौरान देशी गौ नस्लों के संरक्षण, वैज्ञानिक पशु कल्याण, पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन तथा किसानों की आय बढ़ाने में गौ आधारित अर्थव्यवस्था की भूमिका पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संस्थाओं को इस अभियान से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने में गौ आधारित अर्थव्यवस्था की भूमिका
यात्रा के दौरान देशी गौ नस्लों के संरक्षण, वैज्ञानिक पशु कल्याण, पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन तथा किसानों की आय बढ़ाने में गौ आधारित अर्थव्यवस्था की भूमिका पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संस्थाओं को इस अभियान से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।
यात्रा में जुडऩे का आह्वान
यात्रा का मूल उद्देश्य सेवा की भावना को जनसहभागिता से जोडऩा है। यह अभियान करुणा, जिम्मेदारी और सामाजिक सहयोग के माध्यम से गौ संरक्षण को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने समाज के लोगों, गौशालाओं, किसान संगठनों, स्वयंसेवकों एवं सामाजिक संस्थाओं से यात्रा में सेवा, स्वागत, आयोजन, ज्ञान-सहयोग और स्वयंसेवा के माध्यम से जुडऩे का आह्वान किया है।