एस.आर.एस. कर्नाटक पब्लिक स्कूल रायनाल में हिंदी दिवस: राजस्थान पत्रिका समाचार पत्र के लिबास में दी समाचार पत्र की आत्मकथा की प्रस्तुति
हिंदी दिवस के अवसर पर नाटक एवं खेल के माध्यम से हिंदी सीखने की सीख दी। व्याकरण पार्क के एक संवाद के जरिए जहां स्वर एवं व्यंजनों को बारीकी से बताने का प्रयास किया गया तो चित्रों को देखकर कहानी सुनने एवं लिखने की कला का बेहद सुन्दर तरीके से चित्रण किया गया। धारवाड़ जिले के एस.आर.एस. कर्नाटक पब्लिक स्कूल रायनाल मे हिंदी दिवस कुछ इसी तरह से मनाया गया। इस मौके पर विद्यार्थियों ने पाठ्य-पुस्तकों का परिचय देकर जहां हिंदी की महत्ता को प्रतिपादित किया वहीं लघु नाटिकाओं के माध्यम से कई संदेश देने का प्रयास किया।
रोचक तरीके से दिया पाठ्यपुस्तकों का परिचय
आठवीं की छात्रा मोमिन जुंगर ने संविधान की शपथ दिलाई। कुमारी सहना अलदप्पनवर ने हिंदी दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका का वेश धारण कर समाचार-पत्र की आत्मकथा को बेहट सटीक तरीके से समझाया। आठवीं के छात्रों की म्याऊं म्याऊं बिल्ली आई…नाटिका के जरिए दी गई प्रस्तुति ने सबका दिल जीत लिया। दसवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तिका का परिचय विनायक बडिगेर, नवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तिका का परिचय कुमारी रूपा सूड़ी तथा आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तिका का परिचय रंजनी कुसुगल ने दिया। भाषा का संगम लघु नाटिका आकर्षण का केन्द्र रही।
इंटरनेट क्रांति पाठ से बताई प्रौद्योगिकी की महत्ता
व्याकरण पार्क एक संवाद के जरिए संज्ञा, सर्वनाम से लेकर व्याकरण की व्याख्या की गई। हाथों में तख्तियां थामे विद्यार्थियों ने सरल तरीके में समझाने का प्रयास किया। इंटरनेट क्रांति पाठ चर्चा में दसवीं के छात्रों ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से हमें किस तरह हिंदी सीखने में मदद मिल रही है। पहले हिंदी में इतनी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती थी लेकिन इंटरनेट ने हिंदी की दशा-दिशा को बदल दिया है।
हर भाषा का करें सम्मान
एस.आर.एस. कर्नाटक पब्लिक स्कूल रायनाल के उप प्राचार्य अशोक कुंबार ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हम हिंदी को बढ़ावा दें। हिंदी आज रोजगार की भाषा बन रही है। विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाएं नजर आ रही है। स्कूल की हिंदी शिक्षिका डॉ. रेणुकाताई संतबा ने स्वागत भाषण देते हुए कहा, हमें अलग-अलग भाषाएं सीखनी चाहिए और सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने हिंदी के महत्व को रेखांकित किया।
पौधों को पानी पिलाकर की शुरुआत
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वीरेश हंडगी, हिंदी शिक्षक केशव कोंगी एवं हिंदी अध्यापिका अनीता चिक्कमठ ने भी हिंदी को बढ़ावा देने की बात कही। हिंदी अध्यापिका नूरजहां गुलेदगुड ने धन्यवाद ज्ञापित किया। पौधों को पानी पिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। समारोह में स्कूल के आठवीं, नवीं एवं दसवीं के विद्यार्थी शामिल हुए। ये विद्यार्थी रायनाल, गंगिवाल, परसपुर, देवरगढि़हल एवं आसपास के गांवों के रहने वाले हैं।