
हुब्बल्ली के रामदेव भवन मेंं संचालित बाल सत्संग सुधा में बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण हो रहा है।
मानसिक शांति का संदेश
रविवार को रामदेव भवन में आयोजित बाल संस्कार सुधा में पंडित जेठमल श्रीमाली ने गुरु स्तुति, वेदों का महत्व, मकर संक्रांति की महिमा तथा दैनिक जीवनचर्या और आवश्यकताओं पर सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रकाश डाला। बच्चों को गायत्री मंत्र और ओम की ध्वनि के शुद्ध उच्चारण का अभ्यास करवाया गया, जिससे एकाग्रता और मानसिक शांति का संदेश मिला। कार्यक्रम के दौरान कृष्ण आधारित भजनों की मधुर प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्लोकों का वाचन
बालकृष्ण सराफ ने श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व समझाते हुए श्लोकों का वाचन किया और उनके भावार्थ बच्चों की समझ के अनुसार बताए। कई छात्र-छात्राओं ने गीत, गायन और श्लोकों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिससे बच्चों में साहस, शक्ति और सेवा भाव का संदेश मिला। राजेश रावल ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
संस्कारों से जोडऩे का प्रयास
बच्चों को प्रेरित करते हुए उनसे किसी महापुरुष का कथन या उद्धरण तथा अपनी कक्षा की हिंदी पुस्तक से किसी एक कविता की चार पंक्तियां याद करने का आग्रह किया गया, ताकि उनमें स्मरण शक्ति, भाषा प्रेम और आत्मविश्वास बढ़े। उल्लेखनीय है कि बाल संस्कार सुधा पिछले सवा साल से हर रविवार को गब्बुर गली स्थित रामदेव भवन, हुब्बल्ली में नियमित रूप से आयोजित हो रही है। यह पहल बच्चों को अच्छे संस्कारों से जोडऩे के साथ-साथ उन्हें एक सशक्त और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Published on:
11 Jan 2026 04:08 pm
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