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शब्दों से सपनों तक: काव्य पाठ ने बच्चों में जगाया आत्मविश्वास, मंच मिला प्रतिभा को, शिक्षा के साथ रचनात्मकता का संदेश

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ रचनात्मक गतिविधियां कितनी आवश्यक हैं, इसका जीवंत उदाहरण विश्व हिंदी दिवस पर हुब्बल्ली में देखने को मिला। राजस्थान पत्रिका की मेजबानी में आयोजित काव्य पाठ प्रतियोगिता ने बच्चों को न केवल मंच दिया, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की शक्ति को भी उजागर किया।

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हुब्बल्ली के गदग रोड स्थित जेकब चेल्ली मेमोरियल अंग्रेजी माध्यम स्कूल में आयोजित काव्य पाठ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थी अतिथियों के साथ।

हुब्बल्ली के गदग रोड स्थित जेकब चेल्ली मेमोरियल अंग्रेजी माध्यम स्कूल में आयोजित काव्य पाठ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थी अतिथियों के साथ।

पुरस्कार पाकर बच्चों का उत्साह दोगुना
हुब्बल्ली के गदग रोड स्थित जेकब चेल्ली मेमोरियल अंग्रेजी माध्यम स्कूल में आयोजित काव्य पाठ प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं के 30 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि और रचनात्मकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियां अत्यंत सराहनीय रहीं। पूरे आत्मविश्वास, जोश और स्पष्ट उच्चारण के साथ बच्चों ने मंच पर अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं, जिसे उपस्थित अतिथियों ने सराहा। पुरस्कार पाकर बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया और उनके भीतर आगे बढऩे की नई ऊर्जा दिखाई दी। विशेष बात यह रही कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी और आत्मविश्वास से खिल उठे।

बच्चों के प्रोत्साहन के लिए सहयोग का भरोसा
समारोह के मुख्य सहयोगी सीरवी समाज महासभा कर्नाटक के कार्यकारिणी सदस्य बाबूलाल सीरवी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को मंच देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं और भविष्य के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने आगे भी बच्चों के प्रोत्साहन के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया।

सकारात्मक सोच से ही जीवन में सफलता
विद्यालय की प्रधानाचार्य डी. दनम्मा ने विद्यार्थियों को मन लगाकर मेहनत करने, अनुशासन अपनाने और समय की महत्ता समझने की सीख दी। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच से ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर विद्यालय की प्रशासक प्रभा ए. जोसेफ भी उपस्थित रहीं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में हिंदी शिक्षिकाएं जयम्मा एवं गिरिजा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम की शुरुआत में राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी देते हुए राजस्थान पत्रिका के सामाजिक एवं शैक्षिक सरोकारों पर प्रकाश डाला।

ये बने विजेता
प्रथम स्थान- ज्ञानवेदिका (पांचवी कक्षा)
दूसरा स्थान - अयान (छठी कक्षा)
तीसरा स्थान- अर्पिता (नौंवी कक्षा)

इन्हें मिला प्रोत्साहन पुरस्कार
नौंवी कक्षा के यशवंत, आठवीं कक्षा के महा, सातवीं कक्षा के बलेस्सी, सिओना, जेरूसलिना, अक्षता एवं डेविड, छठी कक्षा के आदित्यराज, नेतन, केरोलिन, अनमोल, आराध्या एवं नैजल जोना, पांचवी कक्षा के श्रीनिवास, जेरूशा, जोनथन, सौम्या, प्रणित, हनुमंता एवं रजत, चौथी कक्षा के रियांश एवं वसीमा, तीसरी कक्षा के विहान, डेनियल, आशीष एवं रूपस तथा दूसरी कक्षा के नियो को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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