हुबली

दुर्गदबेल में 22 फीट ऊंचा गणपति दरबार, शबरीमाला की झलक के बीच अय्यप्पा स्वामी का पांच मिनट का विशेष शो

गणेश उत्सव मंडल, गवली गली, दुर्गदबेल की ओर से गणेशोत्सव के 55वें वर्ष में इस बार भव्य गणपति दरबार सजाया गया है। वर्ष 1972 से लगातार गणपति स्थापना की परंपरा निभा रहे मंडल ने इस बार करीब 18 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की है। प्रतिमा के करीब चार फीट ऊंचे आसन को मिलाकर गणपति दरबार की कुल ऊंचाई करीब 22 फीट है। पिछले वर्ष करीब 19 फीट ऊंचे गणपति की स्थापना की गई थी।
3 min read
भव्य गणपति दरबार: दुर्गदबेल में 22 फीट ऊंचे गणपति दरबार
भव्य गणपति दरबार: दुर्गदबेल में 22 फीट ऊंचे गणपति दरबार

शबरीमाला मंदिर की आकृति बनी आकर्षण

इस बार गणेशोत्सव की थीम अय्यप्पा स्वामी और शबरीमाला पर केंद्रित है। पंडाल के प्रवेश द्वार पर शबरीमाला मंदिर की आकृति तैयार की गई है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है। पंडाल के भीतर अय्यप्पा स्वामी की पूजा, मैसासुर मर्दिनी सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को विशेष शो के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है।

पांच मिनट के शो में धार्मिक प्रसंग

अय्यप्पा स्वामी पर आधारित विशेष शो शाम 6.30 बजे से देर रात तक चलाया जा रहा है। करीब पांच मिनट के इस शो में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को प्रकाश और दृश्य प्रभावों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। शो देखने के लिए श्रद्धालुओं से केवल 10 रुपए की सहयोग राशि ली जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है।

चांदी के आभूषणों से सजे गणपति

गणपति को धोती और शाल धारण कराई गई है। प्रतिमा की कमर पर चांदी का आभूषण तथा आशीर्वाद मुद्रा वाले हाथ पर किया गया चांदी का काम आकर्षण का केंद्र है। गणपति दरबार में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

भव्य गणपति दरबार

55 साल से मिट्टी की प्रतिमा की परंपरा

मंडल की स्थापना के समय से ही मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा कायम है। इस वर्ष भी पर्यावरण अनुकूल मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की गई है। गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। 12 दिन तक गणपति की स्थापना रहेगी।

रोज पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु

गणपति दर्शन के साथ अय्यप्पा स्वामी पर आधारित विशेष शो देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंडल के अनुसार प्रतिदिन करीब 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं।

गौतम अशोक टाके, संयुक्त सचिव, गणेश उत्सव मंडल

भक्तों को धार्मिक प्रसंगों से जोड़ने का प्रयास

गौतम अशोक टाके, संयुक्त सचिव, गणेश उत्सव मंडल ने बताया, मंडल की ओर से वर्ष 1972 से गणपति प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस बार 12 दिन तक गणपति की स्थापना रहेगी। अय्यप्पा स्वामी पर आधारित विशेष शो के माध्यम से भक्तों को धार्मिक प्रसंगों से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

रजत रेवणकर, कार्यकर्ता

बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे

रजत रेवणकर, कार्यकर्ता ने बताया, गणपति दर्शन और विशेष शो के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन करीब 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं।

शबरीमाला की झलक: गणेशोत्सव मंडल के पंडाल में बनाई गई शबरीमाला मंदिर की आकृति।
Updated on:
22 Sept 2026 10:07 pm
Published on:
22 Sept 2026 09:32 pm
Also Read
View All
छह दशक से कुंदगोल में गूंज रही बाबा रामदेव की आस्था, राजस्थान के संगमरमर की प्रतिमा और भाद्रपद शुक्ल दशमी पर ध्वजा चढ़ाने की परंपरा

24 साल से शिम्पी गली में विराज रहे चांदी के गणपति, तिरुपति बालाजी की भव्य झांकी बनी आकर्षण

121 किलो चांदी के गणपति का भव्य दरबार, उडुपी के कृष्ण मंदिर की जीवंत झांकी बनी आकर्षण

भजनों के सुरों से राजस्थानी संस्कृति को दे रहीं पहचान, अनीता जांगीड़ ने पांच साल में किए एक हजार से अधिक स्टेज शो

तेजा दशमी पर हुब्बल्ली में गूंजेगा वीर तेजाजी का यशगान, 21 सितंबर को हवन-पूजन, महाआरती और सत्संग के साथ मनाया जाएगा 923वां निर्वाण दिवस