हुबली

हुब्बल्ली में 50 साल से विराज रहे गणपति, न डीजे न पटाखे, इस बार तुलजा भवानी माता की गाथा

गणेशोत्सव में तेज आवाज वाले डीजे और आतिशबाजी जहां उत्सव का हिस्सा बन गए हैं, वहीं हुब्बल्ली की रेलवे स्टेशन रोड गणेश उत्सव मंडली पिछले 50 साल से अलग तरीके से गणेशोत्सव मना रही है। मंडली की ओर से न डीजे बजाया जाता है और न ही पटाखे छोड़े जाते हैं। बिना शोर और आतिशबाजी के श्रद्धा एवं शांति के साथ उत्सव मनाने की यह परंपरा वर्षों से जारी है। मंडली की ओर से वर्ष 1977 में गणपति स्थापना की शुरुआत की गई थी। तब से हर वर्ष गणपति की स्थापना की जा रही है। इस बार रेलवे स्टेशन रोड पर चन्द्रकला टॉकीज के पास गणपति विराजमान हैं। मुख्य मार्ग पर स्थापना होने से रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
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पचास साल की आस्था: हुब्बल्ली के रेलवे स्टेशन रोड पर चन्द्रकला टॉकीज के पास गणेश उत्सव मंडली की ओर से स्थापित गणपति। यहां न डीजे बजाया जाता है, न पटाखे छोड़े जाते हैं।
पचास साल की आस्था: हुब्बल्ली के रेलवे स्टेशन रोड पर चन्द्रकला टॉकीज के पास गणेश उत्सव मंडली की ओर से स्थापित गणपति। यहां न डीजे बजाया जाता है, न पटाखे छोड़े जाते हैं।

50 साल की परंपरा, हर वर्ष नई थीम

गणपति स्थापना के साथ मंडली की ओर से हर वर्ष अलग धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विषय को थीम बनाया जाता है। इस बार तुलजा भवानी माता पर आधारित विशेष शो तैयार किया गया है। इसमें तुलजा भवानी माता के जीवन-वृत्तांत और उनसे जुड़ी विभिन्न घटनाओं को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। मंडली की ओर से पिछले वर्षों में छत्रपति शिवाजी महाराज, येलम्मा माता सहित विभिन्न देवी-देवताओं और महापुरुषों से जुड़ी थीम प्रस्तुत की जा चुकी हैं। पौराणिक कथाओं और धार्मिक प्रसंगों को भी शो के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाता है। मंडली का प्रयास रहता है कि गणेशोत्सव केवल गणपति दर्शन तक सीमित न रहे, बल्कि धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा जाए।

न डीजे, न पटाखे—शांति से मनाते हैं उत्सव

मंडली की सबसे खास पहल डीजे और पटाखों से दूरी है। गणेशोत्सव के दौरान यहां न तेज आवाज वाला डीजे बजाया जाता है और न ही आतिशबाजी की जाती है। मंडली के अनुसार, उत्सव के दौरान ध्वनि और आतिशबाजी से आसपास के लोगों, बुजुर्गों, बच्चों या अन्य किसी को परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से यह परंपरा कायम रखी गई है।

मुख्य मार्ग पर आकर्षण का केंद्र

रेलवे स्टेशन रोड के मुख्य मार्ग पर गणपति की स्थापना और मंडप के लिए बनाया गया बड़ा एवं आकर्षक प्रवेश द्वार लोगों का ध्यान खींच रहा है। गणपति दर्शन के साथ श्रद्धालु तुलजा भवानी माता पर आधारित शो भी देख रहे हैं। शाम के समय यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है।

हर वर्ष धार्मिक एवं सामाजिक संदेश देने वाली थीम

गणेश उत्सव मंडली के अध्यक्ष श्रीनिवास डी. बोचागेरी ने बताया कि वर्ष 1977 में शुरू हुई गणपति स्थापना की परंपरा लगातार जारी है। मंडली हर वर्ष धार्मिक एवं सामाजिक संदेश देने वाली थीम के माध्यम से गणेशोत्सव को विशेष बनाने का प्रयास करती है। किसी को परेशानी न हो, इसलिए डीजे और पटाखों से भी दूरी रखी जाती है।

आकर्षक प्रवेश द्वार: रेलवे स्टेशन रोड पर गणेशोत्सव के लिए बनाया गया मंडप का आकर्षक प्रवेश द्वार।
Updated on:
24 Sept 2026 07:24 pm
Published on:
24 Sept 2026 06:53 pm