
सत्संग की शुरुआत नरेश शाह ने हनुमान चालीसा पाठ के साथ की। इसके बाद भजन कलाकारों ने विभिन्न धार्मिक एवं भक्तिमय भजनों की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों के साथ मौजूद श्रद्धालुओं ने भी सुर से सुर मिलाते हुए भजनों में सहभागिता की और भक्ति भाव के साथ सत्संग का आनंद लिया।
सत्संग में गोकुल रोड के साथ ही आसपास के विभिन्न इलाकों से भी भक्तगण पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भजन मंडली की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और भगवान हनुमान के जयकारों के साथ भक्ति में लीन नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सत्संग में भाग लिया। भजनों की मधुर प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु देर तक भक्ति रस में डूबे रहे। कई भक्तों ने भजनों के साथ तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। भजनों के बीच लगते जयकारों से मंदिर परिसर का माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया।
बाबूलाल सीरवी ने बताया कि ऐसे सत्संगों का उद्देश्य समाज के लोगों को भक्ति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है। नियमित धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक साथ आने और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करने का अवसर मिलता है। सामूहिक आयोजनों से नई पीढ़ी भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ती है।