हुबली

मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, राम आएंगे… भजन पर झूमे श्रद्धालु

संतों का आशीर्वाद जीवन को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुरु बनाने से पहले सोच-विचार करना चाहिए, क्योंकि गुरु का कार्य साधक को सही मार्ग दिखाकर परमात्मा तक पहुंचाना है। यह बात गब्बुर गली स्थित बाबा रामदेव भवन में चल रही श्रीराम कथा के दौरान कथावाचिका सुभद्रा कृष्ण ने कही।
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श्रीराम कथा में प्रवचन करतीं कथावाचिका सुभद्रा कृष्ण।
श्रीराम कथा में प्रवचन करतीं कथावाचिका सुभद्रा कृष्ण।

माता सीता के हरण का प्रसंग सुनाया
रामायण के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कथावाचिका सुभद्रा कृष्ण ने माता सीता के हरण का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि माता सीता जब साधु को भिक्षा देने के लिए आगे आती हैं, तब रावण अपने वास्तविक चरित्र में आ जाता है। अहंकार से भरा रावण माता सीता का हरण कर उन्हें अपने साथ ले जाता है। सीता की खोज में भगवान राम पेड़-पौधों और प्रकृति से भी माता जानकी के बारे में पूछते हैं। इसी दौरान घायल जटायु भगवान राम को बताता है कि रावण सीता को उठाकर ले गया है। जटायु के अंतिम संस्कार का प्रसंग बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम ने स्वयं अपने हाथों से उसका अंतिम संस्कार किया। यह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावुक हो गए।

शबरी की प्रतीक्षा ने बांधा भक्ति का समां
कथावाचिका सुभद्रा कृष्ण ने माता शबरी की भक्ति का भी भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि शबरी निरंतर राम नाम का जाप करते हुए प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा करती रहीं। कथा के दौरान मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, राम आएंगे…भजन गूंजा तो श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। पूरा वातावरण राममय हो गया। सुभद्रा कृष्ण ने कहा कि भगवान राम को बाहर नहीं, बल्कि अपने अंतर्मन, हृदय और चित्त में खोजना चाहिए। भगवान भाव और समर्पण के भूखे हैं। जीवन में धर्म, सत्य और सही मार्ग को अपनाकर ही परमात्मा की अनुभूति की जा सकती है।

धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने की सलाह
कथावाचिका ने श्रद्धालुओं से रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता और रामचरितमानस जैसे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने तथा मीरा बाई और पद्मावती जैसी भक्त महिलाओं के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकार का त्याग कर किसी को देना ही दान है। जीवन में त्याग, सेवा और सद्भाव को अपनाने से मन निर्मल होता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों के साथ भगवान राम के जयकारे लगाए। कथा स्थल पर महिलाओं की विशेष उपस्थिति रही।

श्रीराम कथा का श्रवण करतीं महिलाएं।
Updated on:
28 Aug 2026 08:02 pm
Published on:
28 Aug 2026 08:00 pm