डिजिटल युग में जब मोबाइल और इंटरनेट बच्चों के समय का बड़ा हिस्सा घेर रहे हैं, ऐसे समय में हुब्बल्ली से सटे रायनाल गांव से एक प्रेरणादायक और उम्मीद जगाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां ग्राम पंचायत द्वारा संचालित लाइब्रेरी बच्चों को स्क्रीन की दुनिया से निकालकर किताबों की ओर वापस ला रही है। […]
डिजिटल युग में जब मोबाइल और इंटरनेट बच्चों के समय का बड़ा हिस्सा घेर रहे हैं, ऐसे समय में हुब्बल्ली से सटे रायनाल गांव से एक प्रेरणादायक और उम्मीद जगाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां ग्राम पंचायत द्वारा संचालित लाइब्रेरी बच्चों को स्क्रीन की दुनिया से निकालकर किताबों की ओर वापस ला रही है। गांव के बच्चे यहां आकर पढ़ते हैं, सीखते हैं और अपने भविष्य को संवारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। रायनाल गांव की यह लाइब्रेरी यह साबित करती है कि सीमित संसाधनों में भी अगर सही सोच और सामूहिक प्रयास हो, तो गांव के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। यह पहल न केवल रायनाल के बच्चों के लिए, बल्कि आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणादायी मॉडल बन रही है।
साढ़े छह हजार से अधिक पुस्तकें
रायनाल गांव की यह लाइब्रेरी आज ग्रामीण छात्रों के लिए ज्ञान का मजबूत केंद्र बन चुकी है। यहां नियमित रूप से प्रमुख समाचार पत्र उपलब्ध हैं। लाइब्रेरी में करीब 6600 पुस्तकें हैं, जिनमें कन्नड़ के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी, तमिल और उर्दू भाषा की किताबें भी शामिल हैं। इससे बच्चों को अलग-अलग भाषाओं और विषयों को समझने का अवसर मिल रहा है, जो उनके बौद्धिक विकास में सहायक है।
रोज 30 से 40 विद्यार्थी आ रहे
प्रतिदिन 30 से 40 विद्यार्थी इस लाइब्रेरी में अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। लाइब्रेरी सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक और शाम 3 से 7 बजे तक खुली रहती है। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के मानसिक और रचनात्मक विकास के लिए यहां चेस, सांप-सीढ़ी, लूडो जैसे इनडोर गेम्स की भी व्यवस्था की गई है, जिससे सीखने के साथ मनोरंजन भी हो रहा है। लाइब्रेरी आने वाले बच्चे इसे अपने अनुभवों में साफ झलकाते हैं।
और बेहतर बनाई जाएगी लाइब्रेरी
ग्राम पंचायत, रायनाल के अध्यक्ष रूद्रप्पा गडिगेप्पा मेती कहते हैं, बच्चों की बढ़ती रुचि को देखते हुए जल्द ही लाइब्रेरी को पंचायत भवन के ऊपर नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। वहां बेहतर बैठने की व्यवस्था के साथ नि:शुल्क इंटरनेट सुविधा भी जारी रहेगी, ताकि बच्चे आधुनिक ज्ञान से भी जुड़े रह सकें।
रोज पढ़ता हूं समाचारपत्र
छात्र शिवाजी ने कहा, मैं रोज अखबार पढ़ता हूं, इससे मुझे देश-दुनिया की जानकारी मिलती है। इससे सामान्य ज्ञान बढऩे के साथ बोलने और सोचने की क्षमता भी विकसित हो रही है।
खेल के माध्यम से बढ़ रही आपसी समझ
आठवीं के छात्र प्रशांत ने कहा, दोस्तों के साथ लूडो खेलते हैं, पढ़ाई के बाद अच्छा लगता है। खेल के माध्यम से आपसी सहयोग और धैर्य रखना भी सीखने को मिलता है।
कई ज्ञानवर्धक पुस्तकें
छात्र देवराज वालिकर ने कहा, यहां कई अच्छी किताबें हैं, जिनसे पढऩे की रुचि बढ़ी है। कहानियां और ज्ञानवर्धक पुस्तकें उन्हें नियमित पढऩे के लिए प्रेरित करती हैं।
कंप्यूटर पर नई जानकारी सीखने को मिल रही
छात्र नवीन महासेवी ने कहा, फ्री इंटरनेट सुविधा से कंप्यूटर पर नई-नई जानकारी सीखने को मिलती है। इससे पढ़ाई के साथ तकनीकी समझ भी बेहतर हो रही है।