अभिभावकों ने उत्साह के साथ अपने नौनिहालों की आकर्षक तस्वीरें भेजीं, जिनमें कहीं नटखट माखनचोर कान्हा नजर आए तो कहीं बांसुरी बजाते बाल गोपाल और कहीं राधा के रूप में सजी मासूम बालिकाओं ने अपनी छवि से सभी को मोहित कर दिया। तस्वीरों में भक्ति, परंपरा और बचपन की मासूमियत का ऐसा सुंदर संगम नजर आया कि जन्माष्टमी का उत्सव घर-घर जीवंत हो उठा।
नटखट आंखें, मासूम मुस्कान और कान्हा का मनमोहक रूप… तीन साल के नीतिन पटेल ने जीत लिया हर दिल।नन्हे कान्हा की यह छवि जन्माष्टमी के उल्लास में भर रही भक्ति के रंग।
मोर मुकुट और पीतांबर में सजी नन्ही किंजल, चेहरे की मासूम मुस्कान ने बिखेरी कान्हा की छटा।यूकेजी की छात्रा किंजल एम. देवासी के कृष्ण रूप ने जन्माष्टमी की रौनक बढ़ा दी।
नन्हे कदमों ने ओढ़ी कृष्ण-राधा की छवि, शिम्पी गली में गूंजा जन्माष्टमी का उल्लास।रिचाज प्ले स्कूल के नौनिहालों ने अपनी मनमोहक वेशभूषा से उत्सव में भक्ति के रंग भर दिए।
जब नन्हे कदम कृष्ण-राधा बनकर निकले तो शिम्पी गली की रौनक देखते ही बनी।मासूम चेहरों पर भक्ति और उल्लास ने जन्माष्टमी को बना दिया यादगार।
हाथ में माखन की मटकी, पारंपरिक वेशभूषा और चेहरे पर राधा की मासूमियत… रोशनी ने मोहा मन।सात वर्षीय रोशनी डी. चौधरी ने राधा रूप में कृष्ण भक्ति की सुंदर झलक दिखाई।
हाथ में दही की मटकी और चेहरे पर नटखट मुस्कान… जैसे माखन चुराने निकल पड़े हों बाल गोपाल।चित्रदुर्ग के तीन वर्षीय विरांश एम. संघवी के कान्हा रूप ने सबका ध्यान खींचा।
राधा के रूप में सजी चार वर्षीय रिथ्वी पालरेचा, चेहरे की मासूमियत और आकर्षक पोशाक ने खूब रंग जमाया।नन्ही राधा की इस मनमोहक छवि में नजर आया जन्माष्टमी का उल्लास।
माथे पर मुकुट, हाथों में बांसुरी और कान्हा की मुद्रा… पांच वर्षीय नींव कानूंगा ने रच दिया बाल कृष्ण का रूप।होसपेट के इस नन्हे कान्हा की बांसुरी ने तस्वीर में भर दी भक्ति की धुन।
दोनों हाथों में डांडिया और चेहरे पर उत्साह… राधा बनकर जियान जैन ने थिरकते रंगों से सजाई जन्माष्टमी।हगरीबोम्मनाहल की पांच वर्षीय जियान की यह अदा उत्सव में बनी आकर्षण का केंद्र।
माखन की चोरी, हाथ में बांसुरी और सिर पर मोर पंख… यही तो है नटखट कान्हा की पहचान।मुंदरगी के रूषभ चौपड़ा ने कृष्ण रूप में बाल लीलाओं की झलक दिखा दी।
माखन की मटकी पर नजर और चेहरे पर नटखट अंदाज… मुंदरगी के नन्हे बिरच चौपड़ा बने माखनचोर कान्हा।मुकुट सजे बाल कृष्ण की यह अदा जन्माष्टमी के रंग में खूब भायी।
सांवली सूरत, हाथ में बांसुरी और कान्हा की मनमोहक मुद्रा… रिधन जैन ने रचा कृष्ण का आकर्षक रूप।शिवमोग्गा के इस नन्हे कान्हा की तस्वीर में जैसे बांसुरी की धुन सुनाई दे रही हो।
माखन चुराते हुए नन्ही कान्हा, हाथ में बांसुरी और गले में माला… भक्ति के साथ शरारत भी खूब।शिवमोग्गा की ताशी जैन ने कृष्ण रूप में बाल लीला की मनमोहक छवि पेश की।
चार साल के आदिशेष दरक के हाथों में बांसुरी और चेहरे पर कान्हा की मासूमियत।इलकल के इस नन्हे कृष्ण ने अपनी अदाओं से जन्माष्टमी के रंग को और गहरा कर दिया।
सिर्फ तीन साल की उम्र और रूप पूरा नटखट कान्हा का… आदित्य हेम्मा की मासूम छवि ने सबका मन मोह लिया।इलकल के नन्हे कृष्ण की यह तस्वीर जन्माष्टमी की प्यारी याद बन गई।
जब उम्र ने पीछे छोड़ दी बचपन की यादें, तो यतिराज और किशोरी दरक ने फिर से जी लिया नंद-यशोदा का दौर।49 वर्षीय यतिराज बने नंदबाबा और 42 वर्षीय किशोरी बनीं यशोदा, जन्माष्टमी ने लौटाईं पुरानी यादें।
कारागृह में जन्मे कान्हा की लीला को साकार करती 12 वर्षीय दिविना पवन सराफ।मोरपंख से सजे कृष्ण रूप में केशवापुर की दिविना ने जन्माष्टमी की पौराणिक झांकी को जीवंत कर दिया।
चार महीने की नन्ही निहारिका… सिर पर मुकुट, मोर पंख और हाथ में बांसुरी लेकर जैसे सपनों में कान्हा बन गई।हुब्बल्ली की इस नन्ही कृष्ण भक्त की सोई हुई मुद्रा ने तस्वीर को बना दिया बेहद प्यारा।
एक हाथ में बांसुरी और चेहरे पर खिलखिलाती मुस्कान… 20 महीने के हर्षित हितेश जैन का अंदाज निराला।हुब्बल्ली के इस नन्हे कान्हा ने अपनी खुशी से जन्माष्टमी की तस्वीर में जान भर दी।
सिर पर मुकुट, हाथ में मोर पंख और गले में राधे-राधे… देवांश मारू का कृष्ण रूप भक्ति में रंगा नजर आया।तीन वर्षीय देवांश की मासूम अदाओं ने जन्माष्टमी के उत्सव को और खूबसूरत बना दिया।
पास में माखन की मटकी, साथ में मोर पंख और चेहरे पर मस्ती… माहिर नवीन जैन बने नटखट बाल गोपाल।हैदराबाद के दो वर्षीय माहिर की यह अदा देखते ही मुस्कान चेहरे पर आ जाए।
चश्मे के पीछे चमकती आंखें, सिर पर मकुट और हाथ में बांसुरी… ध्वनित सिंह गुप्ता का कान्हा अंदाज बेहद खास।मुंबई के कल्याण से आए चार वर्षीय ध्वनित ने राधे नाम की पोशाक में कृष्ण भक्ति की सुंदर छटा दिखाई।
मोर पंख से सजा मकुट, गले में मोतियों की माला और हाथों में बांसुरी… सात वर्षीय सार्थक बने मनमोहक कान्हा।हुब्बल्ली के इस नन्हे कृष्ण की बांसुरी वाली मुद्रा ने तस्वीर को बना दिया यादगार।
राधा की पोशाक में सजी नन्ही पाखी और बाइक पर बैठा उसका अनोखा अंदाज।पांच वर्षीय पाखी जैन ने परंपरा और बचपन की शरारत को एक ही तस्वीर में समेट दिया।
मुंह में बांसुरी, पास में माखन से भरी मटकी और अंदाज बिल्कुल नटखट कान्हा जैसा… होसपेट के दिव्यांश राजपुरोहित ने कृष्ण रूप में मोह लिया मन।बाल गोपाल की इस प्यारी छवि में जन्माष्टमी की भक्ति और बचपन की शरारत एक साथ नजर आई।