हुबली

कर्नाटक बन रहा आम निर्यात का नया हब, तोतापुरी और नीलम की विदेशों में बढ़ी मांग

देश के कुल आम उत्पादन में लगभग 7 से 8 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला कर्नाटक अब भारतीय आमों के निर्यात का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। देश का तीसरा सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य पहली बार अपनी दो प्रमुख लेट-सीजन किस्मों तोतापुरी और नीलम की हवाई खेप मालदीव भेजने में सफल रहा है। कृषि एवं प्रसंस्कृ खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की पहल से हुई यह उपलब्धि न केवल राज्य के बागवानी क्षेत्र, बल्कि भारतीय कृषि निर्यात के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे विदेशी बाजारों में कर्नाटक के आमों की नई पहचान बनेगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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तोतापुरी आम
तोतापुरी आम

उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के बाद कर्नाटक तीसरा सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य
भारत विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और वैश्विक आम उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत है। देश में उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के बाद कर्नाटक तीसरा सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य है। राज्य में हर वर्ष लगभग 17 लाख टन आम का उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का करीब 7 से 8 प्रतिशत है। कर्नाटक के कोलार, चिक्कबल्लापुर, बेंगलूरु ग्रामीण, रामनगर, बेलगावी, रायचूर, बल्लारी, कोप्पल, धारवाड़ और विजयपुर जिले प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्र हैं। इनमें कोलार को राज्य का सबसे बड़ा आम उत्पादक जिला माना जाता है।

पहली बार मालदीव पहुंची एयर शिपमेंट
हालांकि इस वर्ष रायचूर और बेलगावी सहित कुछ जिलों में प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ, लेकिन कोलार और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में अच्छी पैदावार से राज्य का कुल उत्पादन संतुलित बना रहा। इसी बीच निर्यात के नए अवसर मिलने से किसानों को बेहतर कीमत मिलने का रास्ता भी खुल गया। एपीडा के सहयोग से कोलार जिले से एक मीट्रिक टन नीलम और तोतापुरी आमों की पहली हवाई खेप मालदीव भेजी गई। यह पहली बार है जब कर्नाटक की इन देर से पकने वाली किस्मों को एयर कार्गो के माध्यम से मालदीव के बाजार तक पहुंचाया गया है।

तोतापुरी और नीलम से मिली नई पहचान
कर्नाटक में कई किस्मों के आमों की खेती होती है, लेकिन तोतापुरी राज्य की सबसे अधिक उत्पादित किस्म है। इसके अलावा बंगनपल्ली, नीलम, रसपुरी, मालिका, हिमायत (इमाम पसंद) तथा कुछ क्षेत्रों में अल्फांसो का भी उत्पादन होता है। तोतापुरी आम अपनी तोते की चोंच जैसी नुकीली आकृति, हल्के मीठे-खट्टे स्वाद तथा जूस, पल्प, प्यूरी और प्रोसेसिंग उद्योग में व्यापक उपयोग के लिए विश्वभर में जाना जाता है। वहीं नीलम आम अपने मीठे स्वाद, गहरी सुगंध, रसदार और कम रेशेदार गूदे के कारण ताजा फल के रूप में विदेशी बाजारों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। दोनों किस्में लेट-सीजन आम हैं, जिनकी तुड़ाई जून के अंत से जुलाई के अंत तक होती है। इनका निर्यात बढऩे से भारत के आम निर्यात का मौसम लंबा होगा और विदेशी बाजारों में भारतीय आमों की उपलब्धता अधिक समय तक बनी रहेगी।

खाड़ी देशों में तेजी से बढ़ रही मांग
भारतीय आमों की मांग संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, बहरीन, कुवैत, मालदीव, सिंगापुर, ब्रिटेन, अमरीका और कनाडा सहित 40 से अधिक देशों में है। विशेष रूप से तोतापुरी और नीलम जैसी किस्मों की मांग खाड़ी देशों में लगातार बढ़ रही है। मालदीव को पहली एयर शिपमेंट को इसी बढ़ती मांग का परिणाम माना जा रहा है।

Updated on:
02 Aug 2026 08:51 pm
Published on:
02 Aug 2026 08:51 pm