
नाग देवता का पूजन
गदग रोड स्थित शिव मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों में नाग पंचमी पर विशेष पूजा-अर्चना एवं अभिषेक किए गए। प्रवासी समाज की महिलाओं ने समूह में मंदिर पहुंचकर नाग देवता का पूजन किया। महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान शिव एवं नाग देवता की आराधना की और परिवार की मंगलकामना की। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में नाग देवता के जयकारों के साथ धार्मिक वातावरण बना रहा।
राजस्थान-गुजरात सहित उत्तर भारत की परंपराएं भी दिखीं
हुब्बल्ली में लंबे समय से रह रहे राजस्थान, गुजरात, बिहार, झारखण्ड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश समेत अन्य उत्तर भारतीय क्षेत्रों से जुड़े परिवारों ने नाग पंचमी पर अपनी पारंपरिक मान्यताओं को स्थानीय धार्मिक परिवेश के साथ जोड़ा। प्रवासी महिलाओं ने मंदिरों में विशेष पूजा कर नाग देवता को दूध एवं जल अर्पित किया। कई परिवारों में घरों पर भी पूजा-अर्चना कर पारंपरिक पकवानों का भोग लगाया गया।
सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने का माध्यम
प्रवासी समाज के लिए ऐसे पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने का माध्यम भी हैं। कामकाज और व्यवसाय के सिलसिले में हुब्बल्ली में बसे परिवार त्योहारों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराते हैं। मंदिरों में एक साथ पूजा करने से समाज में आपसी जुड़ाव और पारिवारिक संस्कारों को भी मजबूती मिलती है।
शिव आराधना के साथ नाग देवता का पूजन
राजस्थान मूल की मीनाक्षी सोढ़ा एवं मनीषा सोढ़ा ने बताया कि सावन मास में नाग पंचमी का विशेष महत्व है। नाग देवता को भगवान शिव का प्रिय माना जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहने की मान्यता है। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल एवं बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया और इसके बाद नाग देवता की पूजा की।
प्रकृति और जीव संरक्षण का संदेश
नाग पंचमी धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति एवं जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश भी देती है। बारिश के मौसम में सांपों के बिलों से बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाने और सुरक्षित स्थान देने के प्रति जागरूकता जरूरी है। परंपराओं में नाग पंचमी के दिन भूमि खोदने से बचने की मान्यता को भी प्रकृति एवं जीवों के प्रति संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जाता है। शहर के मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने भगवान शिव एवं नाग देवता का आशीर्वाद लिया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।