16 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

परदेस में भी दिल राजस्थान का: हुब्बल्ली में 80 बच्चों ने तिरंगे संग सहेजी अपनी संस्कृति

राजस्थान से दूर कर्नाटक में बसे प्रवासी राजस्थानी परिवारों की नई पीढ़ी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपनी जड़ों से जुड़ाव का खूबसूरत संदेश दिया। हुब्बल्ली में आयोजित विशेष समारोह में संस्कारशाला के करीब 80 बच्चों ने देशभक्ति, राजस्थानी संस्कृति, लोक परंपरा और आध्यात्मिक संस्कारों से सजी प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। मंच पर तिरंगे का उत्साह था तो राजस्थानी गीतों में अपनी माटी की खुशबू भी महसूस हुई।
4 min read
Google source verification
स्वतंत्रता दिवस समारोह में संस्कारशाला के बच्चों के साथ अभिभावक।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में संस्कारशाला के बच्चों के साथ अभिभावक।

परंपरा और संस्कारों के प्रति जुड़ाव
राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली, श्री बाबा रामदेव मरूधर सेवा संघ हुब्बल्ली एवं बाबा रामदेव बाल सत्संग सुधा के संयुक्त तत्वावधान में बाबा रामदेव बाल सत्संग सुधा की ओर से संचालित संस्कारशाला के बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह का उद्देश्य बच्चों में देशप्रेम के साथ अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और संस्कारों के प्रति जुड़ाव मजबूत करना भी रहा।

जब मंच पर उतरे भगतसिंह, गूंजे देशभक्ति के सुर
कार्यक्रम में बच्चों ने गायन, नृत्य और भाषण के माध्यम से एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। चेष्टा राजपुरोहित एवं खुशवंत चौधरी भगतसिंह की वेशभूषा में नजर आए। श्रीहान राजपुरोहित ने बाबा रामदेव की वेशभूषा में प्रस्तुति देकर श्रद्धा और संस्कृति का संदेश दिया।

गुरु वंदना
तनीशा राजपुरोहित, सूरज प्रजापत एवं दिया माली ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। राजवीर चौधरी एवं रणवीरसिंह राजपुरोहित ने भाषण के माध्यम से देशप्रेम का संदेश दिया। राधिका चौधरी ने देशभक्ति गीत सुनाया, जबकि दशरथ एवं मयूर चौधरी ने वंदे मातरम् की प्रस्तुति दी। भावेश भाटी एवं कृष्णा भाटी ने भी देशभक्ति गीत पेश किया। ऐश्वर्या ने हनुमान चालीसा तथा खुशबू राजपुरोहित ने गुरु वंदना पर नृत्य प्रस्तुत किया। तनीश परमार एवं तेजल जैन सहित अन्य विद्यार्थियों ने गायन से कार्यक्रम को सुरमयी बनाया।

राजस्थानी गीतों पर थिरके कदम
समारोह में राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक विशेष आकर्षण रही। मोनिका चौधरी, हीना पटेल, दिव्या चौधरी एवं जान्हवी चौधरी ने राजस्थानी गायन पर नृत्य प्रस्तुत किया। दिव्या राजपुरोहित एवं रानी राजपुरोहित ने भी राजस्थानी गीतों पर नृत्य कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। उर्वी राजपुरोहित, राजेश्वरी राजपुरोहित, एकता माली, ईष्ठा राजपुरोहित, तनीशा राजपुरोहित, निशा कोहली, बसंती कोहली एवं पूजा कुमारी परमार सहित विद्यार्थियों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं।

संस्कृति हुई जीवंत
प्रेक्षित पुरोहित, भारती चौधरी, ताशवी पुरोहित, हर्षिता राजपुरोहित एवं प्रितांशी राजपुरोहित, यशविनी राजपुरोहित एवं हितिक्षा राजपुरोहित, लक्षिता कारवार, अंजली चौधरी एवं भावना चौधरी, निकिता चौधरी एवं ईषिता चौधरी ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। पायल पंवार एवं प्रिया प्रजापत, मिष्ठी माली एवं हर्षाली चौधरी, रियां चौधरी एवं दिया चौधरी तथा संगीता चौधरी, खुशी माली एवं पलक राजपुरोहित ने भी समूह नृत्य से माहौल उत्साहपूर्ण बना दिया। भावना, निरमा, कुलदीप सेन, जीतू सेन, लक्ष्मी सेन एवं मान्यता सेन की प्रस्तुति भी सराही गई। विक्रम चौधरी, श्लोक राजपुरोहित एवं त्रिलोक देवासी ने गायन प्रस्तुत किया।

पुरस्कार ने बढ़ाया बच्चों का आत्मविश्वास
समारोह में प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कैलाश प्रजापत को संस्कारशाला का सर्वश्रेष्ठ छात्र पुरस्कार प्रदान किया गया। मिशिका सिंघानिया एवं देविका पुरोहित को विशेष पुरस्कार से नवाजा गया।

विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया
संस्कारशाला के विजय गहलोत, जिगर माली, कैलाश चौधरी, जीतेन्द्र चौधरी एवं गौरव गहलोत को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशेष सहभागिता निभाने पर निर्मला राजपुरोहित एवं पूनम राजपुरोहित का भी सम्मान किया गया।

प्रवासी राजस्थानी समाज के लिए संस्कारशाला बनी उम्मीद की किरण
हुब्बल्ली जैसे महानगर में संस्कारशाला प्रवासी राजस्थानी परिवारों की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोडऩे का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। बच्चों को मंच देकर उनकी प्रतिभा को निखारने के साथ ही उन्हें राजस्थानी भाषा, लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कारों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। समारोह में बाबा रामदेव बाल सत्संग सुधा के संस्थापक सदस्य बालकृष्ण सराफ, संस्कारशाला के वरिष्ठ सदस्य पंडित जेठमल श्रीमाली एवं राजेश रावल का शाल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकारों की जानकारी देते हुए स्वतंत्रता दिवस की महत्ता बताई। उन्होंने बच्चों को देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के साथ अपनी संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कई गणमान्य लोग थे उपस्थित
समारोह में श्री बाबा रामदेव मरूधर सेवा संघ हुब्बल्ली के उपाध्यक्ष चैनाराम चौधरी, क्षत्रिय घांची समाज के अध्यक्ष वेलाराम, आंजणा पटेल समाज सेवा संगठन हुब्बल्ली-धारवाड़ के पूर्व अध्यक्ष दूदाराम चौधरी थोब, सीरवी समाज महासभा कर्नाटक के कार्यकारिणी सदस्य बाबूलाल सीरवी, श्री सनातन धर्म सेवा संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यकारिणी सदस्य रमणलाल सिंघानिया अग्रवाल, राजपुरोहित समाज हुब्बल्ली के सह सचिव रमेश कुमार राजपुरोहित आमलारी, अभिषेक मेहता जोधपुर, केसाराम चौधरी हरजी, रामलाल जणवा चौधरी बाली, धर्मेन्द्र माली कोसेलाव, शांतिलाल राजपुरोहित सांथू, मुन्नीलाल ओडवाड़ा, गोरधनसिंह राजपुरोहित, हरिसिंह बालेरा, लूम्बाराम चौधरी, रविन्द्र सिंह सांकरणा, रमेश कुमार आसोतरा सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।