प्रवासी संस्थाएं: पिछले आठ साल से सेवाएं दे रहा श्रीयादे माताजी सेवा मंडल
प्रजापत समाज कर्नाटक के बेलगावी में हर साल श्रीयादे माता की जयंती धूमधाम से मना रहा है। जयंती के मौके पर रात्रि जागरण समेत कई धार्मिक आयोजन होते हैं। श्रीयादे माता जयंती महोत्सव के मौके पर पहले दिन रात्रि जागरण एवं दूसरे दिन प्रसादी का आयोजन रखा जाता है। रात्रि जागरण में राजस्थान की भजन मंडलियां भजनों की प्रस्तुतियां देती हैं। श्रीयादे माता समेत अन्य देवी-देवताओं के भजन प्रस्तुत किए जाते हैं। जयंती के दिन 11 बोलियां भी लगाई जाती है। श्री यादे माताजी सेवा मंडल का यहां भवन भी बना हुआ है। जहां श्री यादे माताजी की तस्वीर स्थापित की है। वहीं गणपति की प्रतिभा भी विराजित है। 2016 से पूजा-पाठ नियमित रूप से हो रहा है। भवन में हॉल एवं कमरे बने हुए हैं। श्री यादे माताजी सेवा मंडल की स्थापना 2016 में हुई। तभी से जालोर जिले के थलवाड़ निवासी भुबाराम प्रजापत मंडल के अध्यक्ष है।
समाज की गतिविधियों पर चर्चा
श्री श्रीयादे माताजी सेवा मंडल की मीटिंग हर महीने होती है जिसमें समाज की गतिविधियों को लेकर चर्चा की जाती है। प्रजापत समाज समेत सर्व समाज की ओर से यहां कई आयोजन किए जाते हैं। जिसमें सर्व समाज की ओर से कजली तीज का पर्व भी मनाया जाता है। सर्व समाज की ओर से पहले नवरात्रि का पर्व भी मनाया जाता था।
मारवाड़ क्षेत्र के प्रवासी अधिक
प्रजापत समाज की बेलगावी शहर में करीब 32 दुकानें हैं। वहीं समूचे बेलगावी जिले में करीब 60 दुकानें हैं। प्रजापत समाज के लोग बेलगावी में वर्ष 1989 से आने शुरू हुए। राजस्थान के जालोर, पाली, बालोतरा, बाड़मेर एवं सिरोही जिलों से प्रजापत समाज प्रमुख रूप से यहां बिजनेस कर रहे हैं। प्रमुख बिजनेस में स्टेशनरी, खिलौने, कपड़े, मिठाई, जूते-चप्पल का बिजनेस है।
अब राजस्थान-गुजरात में बिजनेस को प्राथमिकता
श्री श्रीयादे माताजी सेवा मंडल के अध्यक्ष भुबाराम प्रजापत थलवाड़ कहते हैं, कोरोना के बाद से प्रजापत समाज के लोग बेलगावी जिले में कम आ रहे हैं। प्रजापत समाज के लोग अब राजस्थान एवं गुजरात में बिजनेस को प्राथमिकता देने लगे हैं। वे बताते हैं कि प्रजापत समाज मुख्य रूप से मटकी समेत मिट्टी के बर्तन बनाने के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है लेकिन अब मिट्टी के बर्तन बनाने के परम्परागत व्यवसाय में गिने-चुने लोग ही रह गए हैं।